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कमीशन का खेल! क्वीनमेरी के डॉक्टर निजी पैथोलॉजी से करा रहे जांच, KGMU ने गठित की जांच समिति

केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीनमेरी) में डॉक्टर गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों की निजी पैथोलॉजी सेंटर से जांच करा रहे हैं। बाकायदा मरीज के पर्चे पर पैथोलॉजी का नाम लिखकर भेजा जा रहा है।

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Deepak Yadav
क्वीन मेरी अस्पताल

केजीएमयू कुलपति समेत चार डॉक्टरों पर केस दर्ज Photograph: (YBN)

लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीनमेरी) में डॉक्टर गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों की निजी पैथोलॉजी सेंटर से जांच करा रहे हैं। बाकायदा मरीज के पर्चे पर पैथोलॉजी का नाम लिखकर भेजा जा रहा है। जबकि संस्थान में ही जरूरी जांचों की सुविधा उपलब्ध है। बता दें कि केजीएमयू के एक किलोमीटर के दायरे में 200 से ज्यादा पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन हो रहा है। इन सेंटरों की केजीएमयू के कई डॉक्टरों से सांठगांठ है। केजीएमयू प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति बनाई है। 

डॉक्टरों और निजी पैथोलॉजी से मिलीभगत

केजीएमयू में निजी संस्थानों से कहीं ज्यादा मशीनें और संसाधन मौजूद हैं। ज्यादातर जांच पीपीपी मॉडल पर ही होती हैं। इसके बावजूद डॉक्टरों और निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की मिलीभगत से मरीजों को बाहर भेजा जा रहा है। दरअसल, केजीएमयू में खून संबंधी जांच निजी एजेंसी के माध्यम से होती हैं। जिसमें वसूली गई फीस का आधा हिस्सा एजेंसी और आधा केजीएमयू को मिलता है। अगर संस्थान खुद जांच करे तो फीस काफी कम हो सकती है। निजी सेंटरों की तुलना में मामूली फीस अंतर भी मरीजों को आसानी से बाहरी लैब की ओर खींच लेता है। 

नवजात की जांच को काटने पड़ते हैं चक्कर

क्वीन मेरी अस्पताल में सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था होने के बावजूद नवजातों की जांच ट्रॉमा सेंटर या बड़ी पैथोलॉजी पर भेजी जा रही हैं। जबकि सभी आवश्यक जांच क्वीनमेरी में ही संभव हैं। इससे परिजनों को अनावश्यक चक्कर काटने पड़ते हैं।

ये है पूरा मामला

आशा नाम की मरीज का ब्लड सैम्पल गुरुवार को क्वीनमेरी में निकाला गया। मरीज के गुलाबी पर्चे पर शिक्षा भवन के निकट निजी पैथोलॉजी सेंटर का नाम लिखा। उसके बाद तीमारदार को पर्चा व सैम्पल थमा दिया। तीमारदार ने निजी पैथोलॉजी में सैम्पल जमा किया। इसके अलावा बिहार की श्याम प्यारी के तीमारदार को दवा की पर्ची थमाई गई। पर्ची पर दो प्रकार की दवाएं लिखी थी। यह ऐसी दवाएं हैं जो क्वीनमेरी के एचआरएफ काउंटर पर उपलब्ध नहीं हैं। वह क्वीनमेरी चौराहे के निकट एक ही मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध है। 

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केजीएमयू कराएगा मामले की जांच

प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के अनुसार, केजीएमयू की पैथोलॉजी में गंभीर से गंभीर बीमारियों की जांच की सुविधा है। किन कारणों से डॉक्टर ने मरीज के ब्लड सैंपल को बाहर भेजा। जांच समिति बनाई गई है। जो लोग दोषी पाए जाएंगे उन पर नियमानुसार  कार्रवाई होगी।

KGMU | queen mary

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KGMU
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