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PALAMU:-मौला अली व इमाम हुसैन ने बख्शी है मजहब-ए-इस्लाम को हयात : मौलाना इसराफिल

यादे शहीदान-ए-कर्बला में शहीदे आजम कांफ्रेंस | पलामू : स्थानीय मुस्लिमनगर लालकोठा- शाह मुहल्ला बीचला रोड क्षेत्र में यादे शहीदान-ए-कर्बला में शहीदे आजम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया।

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Md Zeeshan Samar
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शहीदे आजम कांफ्रेंस को खिताब करते मौलाना इसराफिल Photograph: (Original)

YBN PALAMU:-

इसका एहतेमाम शहादत-ए-इमाम हुसैन कमिटी ने किया। मौके पर कानपुर जिला के मकनपुर से तशरीफ फरमां मौलाना मुफ्ती इसराफिल ने जलसा को खिताब किया। कहा कि मौला अली व उनके कुंबा वालों ने जामे शहादत नोश फरमाकर क्यामत तक के लिए मजहब-ए-इस्लाम को हयात बख्शी है। बदर का मैदान हो या गजवा-ए-खनदक व खैबर का किला या कर्बला की सरजमीं मौला अली व उनकी औलादों ने ऐसी शुजाअत (बहादूरी) पेश की कि दुनिया क्यामत तक याद रखेगी। यह घराना पूरी दुनिया को पैगाम दिया कि हक व बातिल में फर्क समझो। जुल्म व अन्याय (बातिल) के खिलाफ आवाज बुलंद करो। कहा कि यह पूरा कुंबा पूरी दुनिया को पैगाम दिया कि इस्लामी सिद्धांतों की हिफाजत के लिए सिर कटतें हैं मगर बातिल के सामने झूकते नहीं हैं। कुरआन व हदीस की रौशनी में अल्लाह व उसके रसूल के अहकाम की तामिल करने पर जोर दिया। कांफ्रेंस में मकनपुर से आए नातख्वां महाफिज अली ने अपने खास अंदाज में हमद,नात व शहीदाने कर्बला में मनकबत पेश किया। माैके पर स्थानीय चौक बाजार मस्जिद के खतीब व इमाम मौलाना जुबैर अख्तर बरकाती ने कहा कि शहीदान-ए-कर्बला को पूरी दुनिया ताक्यामत भूला नहीं सकती। जलसा का संचालन हाफिज व कारी गुफरान रजा ने की। मौके पर नूरी मस्जिद के खतीब व इमाम मौलान महताब आलम नूरी,कारी जसीमउद्दीन शमीमी, हाफिज मेराज, कारी ज्याउल हसन ,सासाराम से आए मौलाना मंसूर आलम, कारी अब्दुल्लाह बयांबानी,मो शहरयार, रूस्तम कबाड़िया, मो. इलियास आदि स्टेज पर रौनके अफरोज थे। सलाम व दुआ के साथ जलसा एखतेताम पजीर हुआ। मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे l 

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शहीदे आजम कांफ्रेंस में शामिल शहर के मुसलमान, Photograph: (Original)

इन लोगों ने जलसा आयोजन में निभाई भूमिका:-

मेदिनीनगर: जलसा आयोजन में शहादत-ए-इमाम हुसैन कमिटी के सदर महताब आलम, मो.एजाज अली उर्फ भाेलू, मो.नेयाज,मो. नसीर आलम, मो. एकबाल शाह, मो. कल्लू शाह, मो. विक्की शाह, मो. छोटू शाह, मो.मंसूर आलम, क्यामउद्दीन शाह, हाजी मुश्ताक शाह, नूर मोहम्मद उर्फ तुल्लू, मुबीन अख्तर, अंजुम अख्तर मो. नूर आलम, मो. गुड्डन, मो.नौशाद,मो.शफीक शाह,मो शन्नु,अरशद अहमद, मो.शब्बीर शाह, मो.शेरू शाह, मो.बादशाह, मो.अलीशान शाह, मो.राजा आदि ने अपनी अहम भूमिका निभाई।

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