वुलर झील में खिले कमल 35 साल बाद लौटी कुदरत की मुस्कान
वुलर झील में लगभग 35 वर्षों बाद फिर से कमल के फूल खिले है।
वुलर झील में लगभग 35 वर्षों बाद फिर से कमल के फूल खिले है।
वुलर झील को एशिया की सबसे बड़ी फ्रेशवाटर झील माना जाता है, जो कश्मीर की सुंदरता बढ़ाती है।
वुलर में कई सालों से कोई फूल नहीं खिला था 1980 के दशक की विनाशकारी बाढ़ के बाद यह पहली बार है जब कमल खिले हैं।
कमल का खिलना स्थानीय पर्यावरण और इकोलॉजिकल बैलेंस के लिए शुभ संकेत देता है यह एक सकारात्मक बदलाव है।
झील में खिले गुलाबी कमल अब फोटोग्राफरों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं दृश्य बेहद मनमोहक है।
स्थानीय लोगों को इससे पर्यावरण रक्षा की प्रेरणा मिल रही है, और कमल के फूलों ने उनके दिलों में फिर से उम्मीद जगा दी है।
कमल के खिलने से झील की सफाई और रक्षा को लेकर सरकार और एनजीओ का असर बढ़ा है।
वुलर झील में खिले ये गुलाबी कमल सिर्फ फूल नहीं हैं, बल्कि यह प्रकृति की वापसी और संतुलन का प्रतीक हैं।