सावन और हरे रंग गहरा नाता
सावन के आते ही हरियाली छा जाती है और उसी हरियाली को दर्शाता है हरा रंग-जो जीवन, शांति और समृध्दि का प्रतीक है।
सावन के आते ही हरियाली छा जाती है और उसी हरियाली को दर्शाता है हरा रंग-जो जीवन, शांति और समृध्दि का प्रतीक है।
हरा रंग धरती की हरियाली, खेतों, पेड़ों और वर्षा की ताजगी से जुड़ा है जो जीवन के पुनर्जागरण का प्रतीक है।
मान्यता है कि सावन में हरा पहनने से महिलाओं को सौभाग्य और पति की लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है।
भगवान शिव को समर्पित सावन में हरे रंग का विशेष महत्व है, क्योंकि यह उनके प्रिय प्रकृति से जुड़ा हुआ है।
हरियाली तीज, नाग पंचमी जैसे पर्वों में महिलाएं हरी चूड़ियां, साड़ी और बिंदी पहनती हैं यह परंपरा और श्रद्धा का प्रतीक है।
आज भी फैशन की दुनिया में हरा रंग सावन के दौरान सबसे ज़्यादा ट्रेंड में रहता है ट्रेडिशनल और मॉडर्न दोनों अंदाज़ में।
हरा रंग मन को शांति देता है और तनाव कम करता है। सावन की बारिश के बीच यह रंग सुकून और ताजगी का एहसास कराता है।
सावन में हरा रंग सिर्फ पहनावा नहीं, बल्कि यह जीवन, आशा, प्रेम और समृद्धि का उत्सव है जो हर दिल को छू जाता है।