Advertisment

बदायूं : 10 हजार की नौकरी कर रहे सेल्समैन को 4.82 करोड़ का सीजीएसटी नोटिस

मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले सेल्समैन को 4.82 करोड़ रुपये का सीजीएसटी का नोटिस जारी कर दिया गया है। इससे उसके होश उड़ गए हैं। उसने बताया कि उसके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग किया गया है।

author-image
Sudhakar Shukla
GST

GST COLLECTION Photograph: (x)

Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

बरेली, वाईबीएन संवाददाता

मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले सेल्समैन को 4.82 करोड़ रुपये का सीजीएसटी का नोटिस जारी कर दिया गया है। इससे उसके होश उड़ गए हैं। उसने बताया कि उसके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग किया गया है। इसलिए नोटिस उसके घर आ गया।

नौसेरा गांव निवासी रामबाबू पुत्र बदन सिंह मेडिकल स्टोर में 10 हजार रुपये माह में सेल्समैन की नौकरी कर रहा है। 14 जुलाई को सीजीएसटी इंस्पेक्टर उनके घर आए और 4.82 करोड़ रुपये का नोटिस थमाया। नोटिस देख पैरों तले जमीन खिसक गई। नोटिस देखा तो उसमें रामबाबू के नाम पर मैसर्स पाल इंटरप्राइजेज फर्म रजिस्टर्ड है। इस फर्म ने 27 करोड़ रुपये का ऑनलाइन कारोबार किया गया है। उसमें जो मोबाइल नंबर है, वह रामबाबू का नहीं हैं और अब बंद है।

उसने बताया कि करीब एक साल पहले वह ऑनलाइन नौकरी ढूंढ रहे थे। उसी दौरान एक युवती ने उससे संपर्क किया और नौकरी दिलाने की बात कही। फिर उसने आधार और पैन कार्ड मांग लिए थे। उसने नौकरी नहीं दिलाई और मोबाइल नंबर बंद कर लिया। आरोप है कि उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने रामबाबू के नाम से फर्म बनाई और 27 करोड़ रुपये का ऑनलाइन कारोबार कर डाला। जब फर्म ने रिटर्न दाखिल नहीं किया तो रामबाबू के घर पर नोटिस आ गया। पीड़ित ने अब तक थाने में तहरीर नहीं दी है।

--

दस्तावेज लेने के बाद बंद हो गया नंबर

रामबाबू ने बताया कि एक-दो बार युवती ने बात की, इसके बाद उसने नंबर भी बंद कर लिया। साक्षात्कार कब होगा, नौकरी कब मिलेगी, इसके बारे में उसने कुछ नहीं बताया। थक-हारकर मेडिकल स्टोर पर सेल्समैन की नौकरी कर ली।

Advertisment

टैक्स से जुड़े अधिवक्ता पंकज सिंह ने बताया कि सीजीएसटी की ओर से सर्वे न होने की वजह से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। एक मामला शाहजहांपुर में सामने आ चुका है, अब यह दूसरा मामला बदायूं में सामने आया है।

ऐसा कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। अगर ऐसा है ताे पीड़ित को साइबर थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। पीड़ित आता है तो मामला दर्ज कराके उसको न्याय दिलाया जाएगा। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह,एसएसपी

- मामला संज्ञान में आते ही विभाग इसकी जांच पड़ताल कर रहा है। अब तक की जांच में ई-मेल, मोबाइल व खाते फर्जी पाए गए हैं। फर्म खोलने में जिन कागजों का लगाया गया है उसी के आधार पर रामबाबू को नोटिस दिया गया है। जानकारी की गई तो उसके साथ धोखाधड़ी कर नौकरी के नाम पर आधार व पैन कार्ड लिए गए, जिनका दुरुपयोग किया गया है। छानबीन की जा रही है। - आरके पंत, अधीक्षक, सीजीएसटी, बदायूं

Advertisment
Advertisment