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खेत की बाड़ में जोड़े बिजली के तार, करंट से किशोर की मौत

धान की फसल को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए किसान ने खेत की बाड़ में बिजली का करंट दौड़ा दिया। उस तार में पड़ोसी किसान के बेटे का हाथ छू गया।

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Sudhakar Shukla
खेत में करंटयुक्त तार की चपेट में आने से मासूम की मौत,

खेत में करंटयुक्त तार की चपेट में आने से मासूम की मौत, Photograph: (वाईबीएन नेटवर्क)

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बरेली, वाईबीएन संवाददाता

धान की फसल को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए किसान ने खेत की बाड़ में बिजली का करंट दौड़ा दिया। उस तार में पड़ोसी किसान के बेटे का हाथ छू गया। इससे वह झुलस गया और कुछ देर बाद मौत हो गई। किशोर की मौत से कोहराम मच गया। उसके मांता-पिता और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने कहा कि पड़ोसी किसान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।

बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पृथ्वीपुर निवासी कुंवरपाल का करीब एक महीने पहले एक्सीडेंट से पैर टूट गया था। उनका बड़ा बेटा दुर्गेश यादव (14) खेती संभाल रहा था। वह हर रोज खेत पर जाकर फसल देखता और सिंचाई व निराई करता था। शुक्रवार सुबह धान की फसल देखने वह खेत पर गया था। खेत में घुसने के दौरान किशोर का पैर फिसल गया। इसी दौरान उसका हाथ पड़ोसी के खेत में लगे झटका मशीन की तार (खेत की बाड़) से छू गया। उस समय उसमें झटका मशीन के बजाय नलकूप की आपूर्ति वाली तार जुड़ी थी। इसलिए किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे लेकर शहर के निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। दुर्गेश के छोटे भाई मोनू, बड़ी बहन नीतू और मां पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है।

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रात को झटका मशीन नहीं नलकूप की आपूर्ति वाली तार जोड़ा

पड़ोसी किसान ने अपने खेत के चारों ओर झटका मशीन से तार दौड़ाई है। परिजनों का आरोप है कि अक्सर रात को वह झटका मशीन की तार में बिजली लाइन का तार जोड़कर घर चला जाता है। सुबह को वह आकर तार को हटा देते हैं, लेकिन शुक्रवार को किसान के पहुंचने से पहले ही दुर्गेश अपने खेत पर पहुंच गया और हादसा हो गया।

एसडीएम राशि कृष्णा ने बताया कि किसान दुर्घटना योजना से पांच लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है। सूचना मिलने पर संबंधित लेखपाल की टीम को मौके पर भेजा जाता है। लेखपाल की रिपोर्ट व पोस्टमॉर्टम के साथ शासन को प्रस्ताव भेजा जाता है। उसके बाद शासन से किसान दुर्घटना योजना से पीड़ित को पांच लाख रुपये दिए जाते हैं।

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पिता कुंवरपाल ने बताया कि कई बार मना करने के बाद भी पड़ोसी बिजली लाइन के तार को जोड़ने से नहीं माना। इसी वजह से बेटे की जान चली गई। पोस्टमाॅर्टम कराने के बाद पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई कराएंगे। इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना पर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। अभी तहरीर नहीं मिली है।

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