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प्रतीकात्मक तस्वीर Photograph: (सोशल मीडिया)
कोलकाता की युवती की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद विवेचना में थाना पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया। पता लगा कि कथित पीड़िता भी बहेड़ी व फरीदपुर के युवकों की सहयोगी थी। सभी साथ में देह व्यापार का धंधा कर रहे थे। युवती की झूठी शादी कराकर भी लोगों के साथ ठगी की जा रही थी। पुलिस ने चार लोगों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा है।
23 जुलाई को कोलकाता के जनपद हुगली की निवासी चंदा कुमारी नाम की युवती ने थाने पहुंचकर मंडनपुर गांव निवासी बख्तावर, उसके भाई व मां के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, संरक्षित पशु का मांस खिलाने, गर्भपात कराने, अनैतिक देह व्यापार कराने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर संजय तोमर ने विवेचना शुरू की तो मंगलवार को बड़ा खुलासा किया गया। पता लगा कि चंदा की शादी आठ वर्ष पहले विकास यादव से हुई थी। उससे पांच साल की बेटी है। चंदा पति को छोड़कर एक साल पहले रुद्रपुर (उत्तराखंड) चली आई। चंदा की मुलाकात यहां भौना गांव के ताहिर से हुई। यही से ताहिर ने चंदा को देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया। रोज नए होटल से लेकर फॉर्म हाउसों पर उसे अपनी कार में ले जाने लगा।
सीओ अशोक कुमार के मुताबिक ताहिर ने दोस्त बख्तावर से चंदा की मुलाकात करा दी। इस गैंग में बख्तावर के अलावा फरीदपुर के मोहल्ला गौंटिया निवासी गुड्डू उर्फ शरीफ और फरीदपुर के ही गांव केसरपुरा निवासी राजवीर भी शामिल हो गए। अब इनका नेटवर्क उत्तराखंड से लेकर बरेली, फरीदपुर, बहेड़ी, रामपुर आदि इलाके में फैल गया। ये आरोपी सब जगह पर देह व्यापार का धंधा करने लगे।
रुपये को लेकर इस गिरोह में विवाद हो गया। ताहिर के इशारे पर ही चंदा ने बख्तावर पर रिपोर्ट कराई थी। पुलिस की जांच में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई, इसमें गिरोह के मास्टरमाइंड ताहिर को पुलिस ने उठा लिया। ताहिर को उठाने के बाद पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने चंदा के साथ ही ताहिर, बख्तावर, गुड्डू उर्फ शरीफ को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से विवाह व सहमति संबंध के शपथपत्र बरामद हुए हैं।
राजस्थान से दो और बदायूं के एक शख्स को बनाया निशाना
चंदा और ताहिर गैंग ने देह व्यापार के धंधे के अलावा ठगी करना भी शुरू कर दिया था। बदायूं के प्रेमपाल कश्यप से चंदा की शादी कराई गई, इसमें चंदा की आईडी और नाम-पता फर्जी थे। एक महीने के बाद चंदा जेवर और 60 हजार रुपये लेकर ताहिर के इशारे पर वहां से चली आई।गुड्डू और ताहिर ने राजस्थान के झुंझनू निवासी मित्रपाल से चंदा को मिलाया। नेत्रपाल और चंदा सहमति संबंध में रहने लगे। एक रात चंदा नेत्रपाल के घर से डेढ़ लाख रुपये लेकर भाग गई। राजस्थान के हनुमानगढ़ में से भी डेढ़ लाख रुपये लेकर गायब हो गई।
गैंग में शामिल चारों युवक विदुर, तलाकशुदा या फिर दूसरी शादी करने वाले लोगों की खोज करते थे। फर्जी आईडी, कागजात बनाकर चंदा की दूसरी शादी और ठगी करते थे। चंदा वहां से माल इकट्ठा कर फरार हो जाती थी जिसे यह बंटवारा करते थे। यह लोग गैंग बनाकर देह व्यापार का धंधा उत्तराखंड तक कर रहे थे। आरोपियों ने कई अन्य मामलों को भी कबूला है।