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भूमि संरक्षण विभाग का बरेली दफ्तर
बरेली, वाईबीएन संवाददाता। पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि और डब्ल्यूडीसी योजनाओं में 10 करोड़ से ज्यादा के घपले में फंसे पूर्व बीएसए संजय सिंह 11 जुलाई को बिना संबंधित अफसर को सूचना दिए अचानक बरेली दफ्तर में पहुंच गए और दोनों योजनाओं से जुड़े कागज देखे। विभागीय फाइलों से कागज निकालकर उनमें हेरफेर करने की भी चर्चा है। पूर्व बीएसए को उनके खास सजातीय बाबू ने ऑफिस में बुलाया था। वर्तमान बीएसए रश्मि शर्मा दिशा की मीटिंग में थीं। उनकी अनुपस्थिति में पूर्व बीएसए संजय सिंह ने कृषि और भूमि संरक्षण विभाग की योजनाओं से जुड़ी फाइलों की गोपनीय अलमारी खंगाल डाली। उनके खास सजातीय बाबू ने इसमें उनकी पूरी मदद की।
बाबू ने पूर्व बीएसए को गोपनीय तरीके से दिखाईं पुरानी फाइलें
वर्तमान बीएसए मीटिंग से लौटी तो उनको यह बात चली। उन्होंने बाबू मोहन सिंह भंडारी को अपने पीछे पूर्व बीएसए को कार्यालय बुलाने पर कड़ी फटकार लगाई। साथ ही अपने स्टाफ को पत्र जारी किया। उसमें कहा गया कि अगर पूर्व बीएसए संजय सिंह भविष्य में अगर दफ्तर में आएं तो पहले उनसे अनुमति लें। अगर बिना अनुमति उनके दफ्तर में आएं तो शासन को अवगत कराया जाएगा। भूमि संरक्षण विभाग में बरेली के बीएसए रह चुके संजय सिंह का 10 करोड़ रुपए के घपले में फंसने के बाद शासन से बांदा ट्रांसफर हो चुका है। मगर, उनके घपले के कारनामें अभी भी भूमि संरक्षण विभाग के दफ्तर की अलमारी में कैद हैं। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार अपरान्ह एक बजे पूर्व बीएसए संजय सिंह अचानक बिलवा नैनीताल रोड स्थित दफ्तर में पहुंच गए। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो पूर्व बीएसए को उनके खास सजातीय बाबू मोहन सिंह भंडारी ने फोन करके किसान समृद्धि और डब्ल्यूडीसी योजनाओं के बिल पिछली तारीख में काटने के लिए चोरी-छुपे दफ्तर बुलाया था।
वर्तमान बीएसए रश्मि शर्मा दिशा की मीटिंग में हिस्सा लेने विकास भवन गई थीं। सूत्रों के अनुसार संजय सिंह ने उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर और भूमि संरक्षण विभाग की पुरानी फाइलें देखीं। संजय सिंह ने खास सजातीय बाबू से मिलकर कुछ पुराने बिल भी काटे। कृषि और भूमि संरक्षण विभाग की अनाधिकृत तरीके से फाइलें देखकर उनमें हेरफेर करने में दो बाबुओं मोहन सिंह भंडारी और शिवकुमार उर्फ बुलेट राजा ने उनकी पूरी मदद की। शिवकुमार का बागपत ट्रांसफर हो चुका है। यह बरेली से रिलीव भी हो चुके हैं। फिर भी डिप्टी डायरेक्टर के दफ्तर में ही प्रतिदिन आकर अपने पुराने मित्र और घपलेबाज पहाड़ी बाबू और मजनूं बाबू के साथ बैठकर गोपनीय मंत्रणा करते रहते हैं।
गुस्सा हुईं बीएसए, बाबू को लगाई फटकार, बिना अनुमति न आएं पूर्व बीएसए
वर्तमान बीएसए रश्मि शर्मा जब शाम को मीटिंग में हिस्सा लेने के बाद अपने दफ्तर लौटीं तो उनको पूर्व बीएसए संजय सिंह के गोपनीय तरीके से दफ्तर आकर फाइलों में हेरफेर करने की बात पता चली। वर्तमान बीएसए ने बाबू मोहन सिंह भंडारी को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही अपने ऑफिस स्टाफ के लिए एक आदेश बनाकर जारी किया। उसमें स्टाफ से कहा गया है कि उनकी अनुपस्थिति में पूर्व बीएसए संजय सिंह भविष्य में बिना अनुमति कार्यालय न आएं। उनकी शासन स्तर से जांच चल रही है। अगर भविष्य में वह बिना अनुमति उनके कार्यालय आए तो वह इस संबंध में शासन को पत्र लिखेंगी। सूत्रों का कहना है कि बाबू मोहन सिंह भंडारी का पटल बदलने का आदेश भी वर्तमान बीएसए ने दिया है। पूर्व बीएसए संजय सिंह का तबादला होने के बाद उनका उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी का चार्ज जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी जबकि बीएसए का चार्ज रश्मि शर्मा को मिला था।
वर्जन :
मैं कल दिशा की मीटिंग में गई थी। शाम को लौटने पर पता चला कि पूर्व बीएसए संजय सिंह उनकी अनुपस्थिति में भूमि संरक्षण विभाग के ऑफिस में आए थे। मैने इस बारे में स्टाफ को सख्त हिदायत दी है। साथ ही पत्र भी जारी किया गया है। रश्मि शर्मा, भूमि संरक्षण अधिकारी बरेली