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हाफिजगंज इलाके में एक और तेंदुआ देखा गया है। बृहस्पतिवार को फेरी लगाने वाले युवक ने तेंदुए को सड़क पार करते देखा। गांव के आंबेडकर पार्क में पगचिह्न व नाखून से खरोंचने के निशान मिले हैं, जिससे इलाके में फिर दहशत फैल गई है। हालांकि वन विभाग तेंदुआ होने से इंकार कर रहा है। बता दें कि वन विभाग की टीम ने 30 जून को खेतान फैक्टरी के पास एक तेंदुए को पिंजरे में कैद किया था। यह तेंदुआ एक महीने से फैक्टरी व आसपास के इलाकों में देखा जा रहा था।
उस वक्त ग्रामीणों ने दावा किया था कि इलाके में दो तेंदुए हैं। वन विभाग के अनुसार एक ही नर तेंदुआ था, जिसे पकड़कर नजीबाबाद में छोड़ दिया गया है। बृहस्पतिवार शाम को हाफिजगंज के याकूब ने तेंदुआ देखा। याकूब फेरी लगाकर छतरी सही करते हैं। उनके मुताबिक वह गांव हरहरपुर से पंडरी की तरफ जा रहे थे, तभी उन्होंने तेंदुए को सड़क पार करते देखा। उसे देखकर वह वापस हरहरपुर की तरफ भागकर आ गए। ग्रामीणों को बताया। तेंदुए देखे जाने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई।
आंबेडकर पार्क में मिले पगचिह्न
गांव पंडरी नौमहला निवाली विजय सोनकर ने बताया कि शुक्रवार सुबह आंबेडकर पार्क में काम करने पहुंचे मजदूरों ने वहां पर पगचिह्न देखे। नाखूनों से खरोंचने के निशान हैं, जिससे स्पष्ट हो रहा है कि तेंदुआ यहां पर आया था। ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मी माधौसिह, अकबर अली, मो असरफ आदि गांव पहुंचे और जांच पड़ताल की।
ग्रामीणों ने वनकर्मियों से दूसरा तेंदुआ होने की बात कही तो उन्होंने कहा कि अब कोई तेंदुआ नहीं है। पगचिह्न की फोटो खींचकर जांच के लिए भेजा गया है। यहां बता दें कि दस दिन पूर्व इसी गांव में तेंदुआ ने हमला कर एक किसान को घायल किया था। उसके बाद इसके पास के गांव सनेकपुर की सड़क पर दो तेंदुए देखे गए थे, जिसकी लोगों ने वीडियो भी बनाई थी।