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छू लेने दो नाजुक होंठों को कुछ और नहीं है जाम है यह.... कुदरत ने जो तुमको बख्शा है...

गा लो मुस्कुरालो वेलफेयर सोसाइटी, मानव सेवा क्लब, राष्ट्र युवा जागरण संगठन एनजीओ प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष बेबी शर्मा के निवास पर एक शानदार महफिल सजी। इसमें समिति से जुड़े हुए सदस्यों ने पुराने गीतों पर दिल छू लेने वाले बेहतरीन गीत गाकर समा बांध दिया।

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Sudhakar Shukla
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बरेली, वाईबीएन संवाददाता

पवन विहार स्थित सदस्य गा लो मुस्कुरालो वेलफेयर सोसाइटी, मानव सेवा क्लब, राष्ट्र युवा जागरण संगठन एनजीओ प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष बेबी शर्मा के निवास पर एक शानदार महफिल सजी। इसमें समिति से जुड़े हुए सदस्यों ने पुराने गीतों पर दिल छू लेने वाले बेहतरीन गीत गाकर समा बांध दिया। 


समिति के सदस्य हर महीने अपने किसी क्लब के मेंबर के यहां गीत संगीत की संध्या आयोजित करते हैं।    कलाकार अपने मनपसंद के गीत गाकर एक दूसरे का मनोरंजन करते  हैं। पवन बिहार में सजी इस महफिल में अरुण शर्मा ने जैसे ही गीत गाया सावन को आने दो...।  तालियां बजने लगी। दूसरी तरफ माला शर्मा ने एक तराना गाया....तूने औ रंगीले कैसा जादू किया...।  गाकर दिल जीत लिया। मुकेश सक्सेना के गीत तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है..।  अजय राज शर्मा के यह वादियां, यह फिजाएं बुला रही हैं तुम्हें... शीर्षक ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। 


मानव सेवा क्लब के अध्यक्ष और समाजसेवी सुरेंद्र बीनू सिन्हा ने  बहुत मधुर गीत गाया । उसके बोल थे....छू लेने दो नाजुक होठों को....।  कैलाश शर्मा ने तराना छेड़ा... ये रेशमी जुल्फें.. यह शरबती आंखें...।  वहीं सुरेंद्र गुप्ता ने तेरी जुल्फों से जुदाई तो नहीं मांगी थी...। गाकर दिल जीत लिया। विजय शर्मा ने आने से उसके आए बहार... जाने से उसके जाए बहार..। उनकी पत्नी बेबी शर्मा ने पुराना गीत लागी छूटे न अब तो सनम...। इस गीत पर बेबी शर्मा खुद भी डांस करती दिखी।  उनके डांस एक्शन भी खूब पसंद किए गए। 

तू है तुम पर आशिक हम भला मानो बुरा मानो...


मुकेश कुमार सक्सेना ने तू है तुम पर आशिक हम भला मानो बुरा मानो...।  वहीं कंचन शर्मा ने वादा करले साजना...।  सीमा जौहरी ने  जाने क्यों लोग मोहब्बत किया करते हैं...। और विकास जौहरी ने मैं एक राजा हूं... तू एक रानी है...।  शीर्षक गीत गया सीमा सक्सेना के गीत कहीं दूर कर जब दिन ढल जाए और नीतू टंडन के मौसम है आशिकाना को काफी पसंद किया गया। 
बाद में क्लब के सदस्यों ने भोले की भक्ति पर आधारित गीत पर खूब नृत्य किया इस दौरान डमरू और शंख की आवाज में वातावरण को मनोरम बना दिया। बाद में सबने सामूहिक भोज का आनंद लिया

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