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समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल
बरेली, वाईबीएन संवाददाता।
आम तौर पर किसी ठेकेदार से भिखारी रास्ते में अगर पैसा मांगने लगे तो वह उसे झिड़क कर भगा देता है। मतलब, ठेकेदार की जेब से पांच या 10 रुपये भी नहीं निकलते। मगर, यहां भाजपा से सपा में आए धन कुबेर ठेकेदार ने सपा के एक माननीय को 55 लाख से ज्यादा कीमत की फारच्यूनर गिफ्ट में दी। महंगी लग्जरी गाड़ी उपहार में देने के बाद ठेकेदार को उम्मीद है कि माननीय उनको राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से सिफारिश करके आंवला से विधानसभा का टिकट दिलवाकर विधायक बनवा देंगे। अब राजनीतिक हलकों में एक ही चर्चा है कि आखिर ठेकेदार ने इतनी महंगी गाड़ी माननीय को कैसे गिफ्ट कर दी। हालांकि यह ठेकेदार पहले भाजपा में रहते हुए वहां भी एक नेता जी के बरेली से दिल्ली और लखनऊ आने-जाने का खर्च बरसों तक झेलते रहे। मगर, भाजपा में ठेकेदार को अपनी सेवा के बदले में कुछ नहीं मिल पाया। फिर वह मजबूरी में सपा में आ गए क्योंकि उनकी तमन्ना एमएलए बनने की है। अब सपा की बारी है कि वह 2027 में एमएलए किस तरह से बनेंगे। सपा में हालांकि यह ठेकेदार पार्टी संगठन का काम न करके केवल माननीय की सेवा में ही दिन-रात लगे रहते हैं। उनके भरोसे ही एमएलए बनने का सपना संजोए हैं। ठेकेदार की सेवा से माननीय भी बहुत प्रसन्न हैं।
काले रंग की फारच्यूनर का गिफ्ट बना चर्चा का विषय
समाजवादी पार्टी में बीते कई हफ्ते से एक ही चर्चा है। वह है काले रंग की फारच्यूनर। यह फारच्यूनर सपा के माननीय को ठेकेदार ने गिफ्ट कर दी है। माननीय भी पुराने चालाक ठहरे। सो गिफ्ट अपने नाम से नहीं लिया। फारच्यूनर किसी दूसरे नाम पर है। उस पर नंबर भी बरेली का न होकर बाहर का है। उससे पहले ठेकेदार माननीय के तमाम खर्चे पहले से ही उठाते चले आ रहे हैं। इतना ही नहीं, ठेकेदार ने माननीय और उनके चेले-चपंटों को नाश्ता और भोजन कराने के लिए फरीदपुर में रेस्टोरेंट भी खोल रखा है। सूत्रों के अनुसार ठेकेदार ने अपनी बुदिध और विवेक से ठेकेदारी करके पैसा खूब कमा लिया है। अब उनकी एक ही तमन्ना है कि कोई बड़ी पार्टी 2027 में एमएलए का टिकट दे दे और वह जीतकर लखनऊ विधानसभा तक किसी तरह पहुंच जाएं। ठेकेदार इसी गणित के गुणा-भाग में दिन-रात लगे रहते हैं। बताते हैं कि माननीय ने भी गैस वाला पंप लेकर ठेकेदार के अंदर पूरी हवा फुल कर दी है कि चिंता मत करो। हम तुमको राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से मिलवाकर 2027 में एमएलए का टिकट पक्का दिलवा देंगे। डेढ़ साल बाद जब तुम (ठेकेदार) एमएलए बन जाओगे तो फिर न केवल पॉवर आपके पास होगी बल्कि धन भी खूब बरसेगा। फिलहाल, जो भी माननीय के पास काले रंग की फारच्यूनर देखता है तो वह दांतों तले अंगुली दबा लेता है। राजनीतिक हलकों में चर्चा यह है कि विपक्ष से सांसद होने के बाद भी माननीय को सवा साल में ही इतने महंगे गिफ्ट मिलने लगे तो बचे हुए पौने चार साल में वह क्या गुल खिलाएंगे।