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UP School
शिक्षा मंत्री के एक किमी दायरे में स्कूलों के विलय के आदेश से जिले के करीब 70 फीसदी स्कूल खुल जाएंगे। रेलवे लाइन और हाईवे पार स्कूलों के विलय का असर भी पड़ेगा। विभाग ने इन नियमों के दायरे में आने वाले स्कूलों का विवरण जुटाना शुरू कर दिया है।
बीसलपुर विधायक के आवास के पास धरना दिया था
50 से कम छात्र संख्या को लेकर जिले में करीब 148 स्कूलों का विलय किया गया था। इनमें अधिकांश स्कूलों की विलय वाले स्कूलों की दूरी दो से तीन किमी है। बच्चे और अभिभावक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। बुधवार को अभिभावकों ने बीसलपुर विधायक के आवास के पास धरना दिया था।
बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्री की ओर से जारी निर्देशों में स्कूलों के विलय को लेकर स्पष्ट किया गया है। इन नियमों से जिले के अधिकांश स्कूल खुल जाएंगे। अमरिया ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मुडलिया इलाही बख्श को करीब दो किमी दूर चठिया नियाज अहमद में सम्मिलित किया गया था। इस स्कूल में 16 बच्चे पंजीकृत है। स्कूल विलय के बाद से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे थे। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि एक किमी से अधिक दूरी पर युग्मन वाले स्कूलों का विवरण जुटाया जा र हा है। इसके बाद ही संख्या स्पष्ट की जा सकेगी।
राह में हाईवे और अंडरपास की बाधा
बरखेड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नकटा मुरादाबाद और गुलड़ा को कंपोजिट विद्यालय मचवाखेड़ा में विलय किया गया है। नकटा मुरादाबाद से मचवाखेड़ा पहुंचने में बच्चों को हाईवे के किनारे से होकर आना पड़ेगा। वहीं गुलड़ा से आने वाले बच्चों को रेलवे अंडरपास में भरे पानी को पार करना होगा। इन स्कूलों के खुल जाने की उम्मीद भी बढ़ गई है। इसी तरह पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव रसूलपुर पचपुरखरा के स्कूल को घाटमपुर स्कूल में विलय किया गया है। गांव रसूलपुर पचपुखरा से घाटमपुर की दूरी चार किलोमीटर दूर है।