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गोवंश के कृत्रिम गर्भाधान पर आईवीआरआई में मंथन
बरेली, वाईबीएन संवाददाता।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर में आज ओडिशा राज्य के पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए “अल्ट्रासोनोग्राफी एवं बड़े व छोटे पशुओं के प्रजनन प्रबंधन” विषय पर एक सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ओडिशा सरकार के वेटरिनरी ऑफिसर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (VOTI) द्वारा प्रायोजित है तथा आईवीआरआई के प्रसार शिक्षा निदेशालय एवं पशु पुनरुत्पादन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ओडिशा सरकार के कुल 19 पशु चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रजनन में अल्ट्रोसोनोग्राफी और कृत्रिम गर्भाधान पर प्रकाश डाला
उदघाटन अवसर पर बोलते हुए संयक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ रूपसी तिवारी संस्थान द्वारा क्षमता निर्माण के क्षेत्र में होने वाले प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी ओडिशा राज्य के पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इस साल ओडिशा सरकार के पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं पैरावेट्स के लिए कुल 10 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पशु प्रजनन में अल्ट्रासोनोग्राफी, सूकर एवं गौवंश में कृत्रिम गर्भाधान आदि विषय शामिल होंगे। उन्होंने आईवीआरआई के गौरवशाली इतिहास एवं संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न प्रौद्योगिकियों पर भी प्रकाश डाला। पशु पुनरुत्पादन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ एम.एच. खान ने बड़े और छोटे पशुओं में बांझपन के निदान एवं उपचार में अल्ट्रासोनोग्राफी की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने बताया कि ओवम पिक-अप (ओपीयू) एवं इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) जैसी उन्नत प्रजनन तकनीकों में भी इसका उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो देशी पशुधन नस्लों के संरक्षण में सहायक सिद्ध हो सकता है। पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पॉलीक्लिनिक, डेयरी फार्म एवं जर्मप्लाज्म केंद्र में व्यावहारिक प्रदर्शन दिखाए जाएंगे, जहाँ वे बड़े और छोटे पशुओं में अल्ट्रासोनोग्राफी, गर्भ निदान तथा बांझपन संबंधी उपचार की तकनीकें सीखेंगे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बृजेश कुमार ने किया। डॉ. रेनू शर्मा, वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी एवं पाठ्यक्रम समन्वयक सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।