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फर्जी फर्म बनाकर चार लोगों ने एसबीआई को सवा दो करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। इस धांधली में बैंक की एक लोन अधिकारी व उसका पति भी शामिल है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
एसबीआई की बाइपास शाखा की मुख्य प्रबंधक मैनेजर जूली सिंह ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि उनकी शाखा से इलेक्ट्रॉनिक प्लाजा फर्म के पार्टनर अफसाना पत्नी अशफाक अहमद, अमन हुसैन पुत्र अशफाक अहमद ने दो करोड़ 25 लाख रुपये का लोन लिया था। इज्जतनगर में हाइडिल सर्विस स्टेशन के पते पर और पार्टनर का पता महलऊ रोड रहपुरा चौधरी, मदीना मस्जिद के पास बरेली लिखा गया। बैंक अधिकारी साक्षी सिंह व उसके पति शिवम अग्रवाल की मिलीभगत से मार्च 2024 को ऋण स्वीकृत करा लिया गया। उन्होंने बैंक को यह भी आश्वासन दिया कि उन्हें वैल्यू प्लस की एजेंसी मिल गई है। वह लोग इलेक्ट्रॉनिक समान का व्यापार करेंगे।
जूली सिंह ने पुलिस को बताया कि इन लोगो ने बैंक के साथ धोखाधड़ी कर ली और बैंक से लिया ऋण विशाल कम्युनिकेशन के खाते में ट्रांसफर कर दिया। यह खाता बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक शाखा न्यू मॉडल कॉलोनी बरेली निवासी शिवम अग्रवाल की फर्म के नाम है। शिवम की फर्म के खाते में एक करोड़ 26 लाख रुपये तीन अप्रैल 2024 को और एक करोड़ 60 लाख रुपये 15 अक्तूबर 2024 को ट्रांसफर किए गए।
बिना जमानती और सुरक्षा के दे दिया लोन
- जूली सिंह ने पुलिस को बताया कि फर्म के पार्टनरों ने कई कागजात फर्जी बना रखे हैं। बैंक अधिकारी साक्षी सिंह ने इतना बड़ा लोन बिना किसी सिक्योरिटी व किसी जमानती के फर्जी फर्म के पार्टनरों से मिलकर कर दिया। बैंक ने वैल्यू प्लस को मेल भेजकर पूरी जानकारी ले ली। वैल्यू प्लस ने बैंक को मेल भेजकर जवाब दे दिया है कि हमने कोई इलेक्ट्रॉनिक प्लाजा को कोई एजेंसी बरेली में नहीं दी है। इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि चारों आरोपी अफसाना, अमन हुसैन, लोन अधिकारी साक्षी सिंह व साक्षी के पति शिवम अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। विवेचना में स्थिति स्पष्ट की जाएगी।