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बरेली में सपा के जश्ने ईद और होली सम्मेलन में गूंजा सूफियाना संगीत

सपा नेता डॉ अनीस बेग के जश्न ए ईद और होली सम्मेलन मे सूफियाना संगीत गूंजा। डॉक्टर अनीस बेग ने ईद और होली का जश्न मनाकर भाईचारे का संदेश दिया।

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Sudhakar Shukla
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बरेली,वाईबीएनसंवाददाता

सपा नेता डॉ अनीस बेग के जश्न ए ईद और होली सम्मेलन मे सूफियाना संगीत गूंजा। डॉक्टर अनीस बेग ने ईद और होली का जश्न मनाकर भाईचारे का संदेश दिया। साथ ही सपा से कैंट विधानसभा से टिकट की दावेदारी भी मज़बूत कर दी। पिछली बार भी डॉ अनीस बेग कैंट सीट पर सपा से टिकट के दावेदार थे। मगर, आखिर में उनका टिकट कट गया था। 

शहर में शनिवार को डॉक्टर अनीस बेग के मैक्स लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और फैहमी आईवीएफ सेंटर की ओर से  "जश्ने ईद एवं होली भाईचारा सम्मेलन" का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वैसे तो शुद्ध रूप से राजनीतिक था। लेकिन, इसे नाम दिया गया सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का। डॉक्टर अनीस बेग ने इस प्रोग्राम की आड़ में खुद को टिकट दावेदारों की कतार में मजबूत करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाया।  इस प्रोग्राम में बरेली के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

भर दो झोली मेरी... दमादम मस्त कलंदर से गूंज उठा पंडाल 

 मशहूर कव्वाल अनीस साबरी ने मधुर सूफियाना गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। "भर दो झोली मेरी" और "दमादम मस्त कलंदर" जैसे उनके लोकप्रिय कलामों पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं। साथ ही भाव-विभोर होकर साथ गुनगुनाया। डॉ. अनीस बेग ने इस अवसर पर कहा कि, "हमारा मकसद समाज में प्रेम और एकता का संदेश फैलाना है। जब हम सब मिलकर त्यौहार मनाते हैं तो यह न सिर्फ आपसी भाईचारा बढ़ाता है, बल्कि समाज को भी मजबूती देता है। इंसानियत ही हमारा पहला धर्म है।"

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कार्यक्रम में डॉ. विनोद पागरानी, ज्ञानी जी, भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम, सरदार बिट्टू, जिला अध्यक्ष सपा शिवचरन कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खान सुल्तानी,  अरविंद यादव, शुभलेश यादव, नेहा यादव, रविंद्र यादव, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, साजिद भाई, अमरप्रीत सिंह, रोहित राजपूत, स्मिता यादव, शान्ती सिंह राष्ट्रीय सचिव सपा महिला सभा, कासिम सहित कई प्रमुख हस्तियां और समाज के वरिष्ठ लोग उपस्थित थे। वक्ताओं ने इसे समय की जरूरत बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विभिन्न समुदायों के बीच समझ और सहयोग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ईद और होली के पारंपरिक व्यंजनों, मिठाइयों, फलों और इत्र का वितरण भी किया गया।  इस आयोजन को और यादगार बना दिया। इस सम्मेलन ने बरेली की गंगा-जमुनी तहज़ीब को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया और यह संदेश दिया कि यह शहर आज भी प्रेम और भाईचारे की मिसाल है।

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