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बरेली पहुंचे मत्स्य विभाग के मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि मछुआ समाज के हक और अधिकार अब सपना नहीं रहेंगे, बल्कि योजनाओं के जरिए साकार होंगे। मछुआ समाज का समुचित विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं मत्स्य पालक
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार में मंगलवार को आयोजित मंडलीय मत्स्य संगोष्ठी में बरेली मंडल के सैकड़ों मत्स्य पालकों ने भाग लिया। गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मत्स्य बीमा योजना, मत्स्य ऋण योजना और अनुदानित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। मत्स्य पालकों से कहा कि वह सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।
पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से दें अधिकारी
मंत्री ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से दिया जाए। मछुआ समाज से आह्वान किया कि वह संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहे और समाज के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाए। गोष्ठी के दौरान उन्होंने मछुआ समुदाय की समस्याओं और उनके सुझाव को सुना। सभी को आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न योजनाओं में मंडल के 19 मत्स्य पालकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम स्थल पर लगे स्टालों का निरीक्षण किया। उपनिदेशक अंजना वर्मा, नोडल अधिकारी उपनिदेशक मत्स्य नियोजन/प्रबंध निदेशक मोनिशा सिंह, रेखा श्रीवास्तव, सहायक निदेशक मत्स्य बरेली गायत्री पांडे समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
जातीय जनगणना कराना सरकार का ऐतिहासिक कदम
मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि भारत सरकार की ओर से जातीय जनगणना की अधिसूचना जारी करना एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम है। जातीय जनगणना के माध्यम से वंचित, पिछड़े समाजों की सही संख्या देश के सामने आएगी। कहा कि हमने इसके लिए सड़क से संसद तक संघर्ष किया है। मैं अपने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपील करता हूं कि वह इस जनगणना प्रक्रिया में पूरी जागरूकता, ईमानदारी और एकजुटता के साथ भाग ले, ताकि समाज की सही संख्या दर्ज हो सके और हमें हमारा हक मिल सके।