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एक दशक से भी ज्यादा समय से कागजों में फंसी आवास एवं विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना अब धरातल पर उतारने की तैयारी है। लैंडपूलिंग स्कीम में जमीन देने वाले किसानों को चार सेक्टरों में सितंबर में भूखंड आवंटित होंगे।अन्य किसानों के लिए भी लैंडपूलिंग स्कीम का विकल्प खुलेगा।परसाखेड़ा आवासीय योजना कुल सात गांव टियूलिया, धंतिया, हमीरपुर, वोहित, मिलक इमामगंज, फरीदापुर रामचरण, बल्लिया की 561 हेक्टेयर जमीन पर विकसित होनी है। योजना 12 सेक्टरों में विकसित होगी।
शुरुआत टियूलिया, धंतिया गांव की जमीन पर बनाए गए चार सेक्टरों (4,5,6,7) से होगी। इन्हीं सेक्टरों में लैंड पूलिंग स्कीम में सबसे ज्यादा 200 से अधिक भू-स्वामियों ने सहमति दी है। सबसे पहले इन्हें ही भूखंड मिलेंगे। किसानों को उसी सेक्टर में भूखंड आवंटित किए जाएंगे जिस सेक्टर में उनकी जमीन होगी। साथ ही ऐसे भू-स्वामियों के लिए भी विकल्प खुलेगा जो अभी जमीन लैंड पूलिंग स्कीम में भूमि देना चाहते हैं। अधिग्रहण के लिए अवॉर्ड का प्रस्ताव बनाकर परिषद के मुख्यालय भेजा जा चुका है।
जल्द ही जमीन अधिग्रहण और कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। लैंडपूलिंग में भू-स्वामियों को उनका हिस्सा देने के बाद शेष जमीन पर भूखंड विकसित करके आवास विकास परिषद बेच सकेगा। इसके लिए टियूलिया गांव के चारों तरफ लिंक रोड बनाकर परिषद स्थल विकास कराएगा ताकि पूरी कालोनी व्यवस्थित तरीके से बसाई जा सके। योजना में सरकारी दफ्तर, शॉपिंग मॉल, अस्पताल, स्कूल आदि खोलने के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
अक्तूबर में परसाखेड़ा आवासीय योजना को शुरू करने की तैयारी है। अगस्त में ले-आउट पास होकर आ जाएगा। सितंबर में लैंड पूलिंग में जमीन देने वाले भू-स्वामियों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। -राजेंदनाथ राम, अधिशासी अभियंता, आवास विकास परिषद
परसाखेड़ा में आवास विकास परिषद का कार्यालय बनेगा
सीबीगंज। आवास एवं विकास परिषद अपना कार्यालय परसाखेड़ा आवासीय योजना में बनाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी आवास विकास परिषद का कार्यालय राजेंद्र नगर में है। आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता राजेंदनाथ राम ने बताया कि परसाखेड़ा आवासीय योजना एक प्राइम लोकेशन की नई काॅलोनी होगी। यहां से दिल्ली, लखनऊ, आगरा , मथुरा, नैनीताल के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। एआरटीओ और वाणिज्य कर कार्यालय बन रहे हैं। फोरेंसिक लैब, क्राइम ब्रांच, फूड लैब इसी क्षेत्र में बन चुकी है।