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पशुधन के लिए आईवीआरआई का सहयोग ले सकते हैं पशुचिकित्सक

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में चल रहा प्रशिक्षण शुक्रवार को समाप्त हुआ। इस दौरान पशुधन क्षेत्र में सीखी गईं बारीकियों को दूसरों से साझा करने और जरूरत पर आईवीआरआई के वैज्ञानिकों का सहयोग मिलने का आश्वासन पशुचिकित्सकों को दिया गया।

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Sudhakar Shukla
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बरेली, वाईबीएन संवाददाता

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर में संयुक्त निदेशालय प्रसार शिक्षा तथा पशु पोषण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड, पंजाब सरकार के 13 अधिकारियों के लिए चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन हो गया। 

हमें नवीन तकनीकियों जानने का मौका मिलता है

कार्यक्रम के समापन अवसर पर बोलते हुये संयुक्त निदेशक, प्रसार शिक्षा डा. रूपसी तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से हमें अपने ज्ञान को अपडेट करने का मौका मिलता है हमें नवीन तकनीकियों जानने का मौका मिलता है।  उन्होने प्रशिक्षणार्थियों के कहा कि इन पाँच दिनों  मे आपने बहुत कुछ  सीखा होगा तथा मुझे विश्वास है कि आप इस अर्जित ज्ञान का प्रयोग अपने अपने क्षेत्रों में जाकर अवशय करेंगे ।  डॉ तिवारी ने कहा कि आपको किसी भी प्रकार कि पशुधन से संबन्धित किसी भी प्रकार कि सहायता  के लिए आप संस्थान कि मदद ले सकते हैं ।  


पाठ्यक्रम निदेशक डा. विश्व बन्धु चतुर्वेदी ने प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुये कहा पाठ्यक्रम के लिए प्रतिभागियों को बधाई दी उन्होने कहा कि  इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने पशुओं  के आहार का विश्लेषण, प्रोबायोटिक, विभिन्न पशुओं के लिए आहार, मिनरल मिक्चर तैयार करना आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।  


इस अवसर पर प्रतिभागियों ने फीड बॅक में बताया कि इस प्रशिक्षण से हम बहुत लाभान्वित हुए हैं तथा डेयरी टेक्नोलोजी पर और प्रशिक्षण, कार्यक्रम भविष्य में आयोजित किए जाएँ जिससे हम लोग लाभ उठा सकें । कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन पशु पोषण विभाग की वैज्ञानिक डा. अंजू काला द्वारा किया गया।

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