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GST पर बड़ा अपडेट! आम आदमी की होगी बल्ले-बल्ले | यंग भारत न्यूज Photograph: (Google)
नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क । अगर आप भी अक्सर सोचते हैं कि GST की वजह से रोजमर्रा की चीजें महंगी हो गई हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार GST सिस्टम में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है, जो सीधे आपकी जेब पर असर डालेगा। GST काउंसिल के मंत्रियों के समूह ने 12% और 28% के स्लैब को खत्म करने की सिफारिश की है। इसका मतलब है कि अब 5% और 18% के सिर्फ दो ही मुख्य स्लैब रहेंगे।
GST दरों में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी है। मंत्रियों के एक समूह ने 12% और 28% के GST स्लैब खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। अगर यह लागू होता है, तो रोजमर्रा की 200 से ज्यादा चीजें सस्ती हो जाएंगी। दिवाली से पहले आम जनता को महंगाई से राहत मिल सकती है, जिससे करोड़ों परिवारों के चेहरों पर खुशी आएगी।
यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है ताकि GST सिस्टम को सरल बनाया जा सके। अभी GST के चार स्लैब हैं- 5%, 12%, 18% और 28%। इतने सारे स्लैब होने से कई बार कन्फ्यूजन होता है। नए प्रस्ताव के बाद, सिस्टम बहुत आसान हो जाएगा।
12% के स्लैब वाली चीजें 5% के दायरे में आ सकती हैं, जबकि 28% वाली चीजें 18% के दायरे में आ सकती हैं। इसका सीधा फायदा उन करोड़ों लोगों को होगा जो हर दिन इन चीजों का इस्तेमाल करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 15 अगस्त 2025 को लाल किले से संकेत दिया था कि इस दिवाली एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है, और यह बदलाव उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
कौन-कौन से सामान होंगे सस्ते?
यह जानने के बाद कि कुछ चीजें सस्ती होंगी, सबसे बड़ा सवाल है कि कौन-सी चीजें? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर यह प्रस्ताव पास होता है तो 200 से भी ज्यादा प्रोडक्ट सस्ते हो सकते हैं।
12% से 5% वाले सामान खाने-पीने की चीजें: सूखे मेवे, ब्रांडेड नमकीन, प्रोसेस्ड फूड, स्नैक्स, फ्रोजन सब्जियां और कंडेंस्ड मिल्क।
रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें: टूथ पाउडर, टूथपेस्ट, साबुन, हेयर ऑयल, सिलाई मशीन, प्रेशर कुकर, गीजर।
इलेक्ट्रॉनिक्स और घर का सामान: कुछ मोबाइल, कुछ कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक आयरन, वैक्यूम क्लीनर, साइकिल, बर्तन, पानी के फिल्टर।
अन्य जरूरी चीजें: ज्यादातर वैक्सीन, एचआईवी/टीबी डायग्नोस्टिक किट, ज्योमेट्री बॉक्स, नक्शे, ग्लोब, पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन, कृषि मशीनरी।
28% से 18% वाले सामान इलेक्ट्रॉनिक्स: टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एसी, प्रिंटर, डिशवॉशर।
कंस्ट्रक्शन और घर का सामान: सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट, ग्लेज्ड टाइल्स, प्री-फैब्रिकेटेड बिल्डिंग।
सौंदर्य और व्यक्तिगत देखभाल: ब्यूटी प्रोडक्ट, मैनिक्योर किट, डेंटल फ्लॉस, रेजर। अन्य: चॉकलेट, प्लास्टिक प्रोडक्ट, रबर टायर।
क्या लग्जरी आइटम भी सस्ते होंगे?
नहीं, इस प्रस्ताव में साफ-साफ कहा गया है कि लग्जरी आइटम पर लगने वाला टैक्स कम नहीं होगा। बल्कि, जो लग्जरी आइटम अभी 28% के स्लैब में आते हैं, उन पर एक नया 40% का स्लैब लागू हो सकता है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान नहीं होगा, बल्कि जो लोग ज्यादा पैसा खर्च करते हैं, उन्हें अपनी पसंद की चीजों पर ज्यादा टैक्स देना होगा।
GoM की मंजूरी के बाद अब आगे क्या होगा?
यह बदलाव अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है, लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
GST काउंसिल की बैठक: GoM की सिफारिशें अब जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में रखी जाएंगी।
चर्चा और आपत्ति: काउंसिल में केंद्र और सभी राज्यों के प्रतिनिधि इन सिफारिशों पर चर्चा करेंगे। कुछ राज्यों ने पहले ही कुछ आपत्तियां जताई हैं, जिन पर गहन विचार-विमर्श होगा।
बहुमत से पास: अगर प्रस्ताव 75% बहुमत से पास हो जाता है, तो यह लागू हो जाएगा।
कानूनी प्रक्रिया: पास होने के बाद, केंद्र और राज्य सरकारें इसे लागू करने के लिए जरूरी कानूनी और तकनीकी कदम उठाएंगी।
नई दरें लागू: नई दरें लागू होने की तारीख तय की जाएगी, और यह संभवतः 2026 की शुरुआत तक हो सकता है।
यह सिर्फ टैक्स स्लैब का बदलाव नहीं है, बल्कि एक बड़ा आर्थिक सुधार है। GST को लागू करते समय सरकार का लक्ष्य था कि यह एक 'गुड एंड सिंपल टैक्स' बने। कई स्लैब के कारण यह थोड़ा जटिल हो गया था। अब इसे सरल बनाने की कोशिश हो रही है। यह सीधे तौर पर आम आदमी को फायदा पहुंचाएगा, क्योंकि रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी और महंगाई से थोड़ी राहत मिलेगी।
क्या यह मोदी सरकार का चुनावी दांव है?
कुछ लोग इसे चुनावों से पहले सरकार का एक बड़ा कदम मान रहे हैं। महंगाई एक बड़ा मुद्दा है और अगर सरकार रोजमर्रा की चीजों पर GST कम करती है, तो इससे जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा। यह न केवल लोगों को आर्थिक राहत देगा, बल्कि सरकार की छवि को भी बेहतर बनाएगा। यह कदम यह भी दर्शाता है कि सरकार जनता की जरूरतों को समझ रही है और उन्हें राहत देने के लिए बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लेने को तैयार है।
GST काउंसिल की अगली बैठक बहुत अहम होगी। सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या यह ऐतिहासिक बदलाव हकीकत में बदल पाएगा। अगर ऐसा होता है, तो यह भारतीय टैक्स इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा, जहां टैक्स सिस्टम न केवल सरल होगा, बल्कि आम लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद भी होगा।
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