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राम मंदिर में विवाह पंचमी के दिन होगा ध्‍वजारोहण कार्यक्रम, 10 हजार मेहमान होंगे शामिल

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर अपने अंतिम चरण में है। प्रतिमाएं स्थापित और प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। अब 25 नवंबर को राम विवाह पंचमी पर ध्वजारोहण की तैयारी की जा रही है

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Suraj Kumar
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नई दिल्‍ली, वाईबीएन डेस्‍क। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा, "राम जन्मभूमि मंदिर अपने पूर्णता की ओर है...प्रतिमाएं स्थापित हो गई हैं, प्राण प्रतिष्ठा भी हो गई...अब अंतिम कार्यक्रम ध्वजारोहण है। हम 25 नवंबर को राम विवाह पंचमी पर ध्वजारोहण के बारे में विचार कर रहे हैं और तैयारी कर रहे हैं। चंपतराय ने एएनआई से बात करते हुए इसकी जानकारी दी। 

राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत कई गणमान्‍य लेंगे भाग 

इस दिन रामनगरी के सैकड़ों मंदिरों में भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह उत्सव की धूम होगी, और राम मंदिर परिसर में भव्य राम बारात और धार्मिक आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस साल नवंबर में अयोध्या एक बार फिर भव्य उत्सव का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह की तैयारी को लेकर तीर्थ क्षेत्र भवन में राम मंदिर ट्रस्ट, संघ और विहिप के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि समारोह केवल ध्वजारोहण तक सीमित न रहकर, राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना, समरसता और संगठन की शक्ति को भी प्रकट करेगा।

10 हजार मेहमान रहेंगे मौजूद 

इस दिन वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन, पारंपरिक संगीत और विशेष पूजा विधियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। देश भर के प्रसिद्ध कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। करीब तीन घंटे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के 49 जिलों से लगभग 10 हजार मेहमानों को आमंत्रित किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मेहमानों की विशेष सूची तैयार कर रहे हैं। समाजसेवियों और अयोध्या जिले के आसपास के 772 ग्राम प्रधानों को गुपचुप तरीके से आमंत्रित किया जा रहा है। इस समारोह में विभिन्न जातियों और वर्गों से जुड़े करीब 10 हजार अतिथि शामिल होंगे। अयोध्या के आसपास के 25 जिलों के लोगों को खास महत्व दिया जा रहा है।

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