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फुटबॉल — जुनून और सम्मान : CM ममता बनर्जी ने डूरंड कप को लेकर क्या अनोखा ऐलान किया? | यंग भारत न्यूज Photograph: (Google)
नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क ।डूरंड कप 2025 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आज गुरूवार 24 जुलाई 2025 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे सेना को समर्पित किया है। यह टूर्नामेंट न केवल खेल का जश्न है, बल्कि देश के गौरव और सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है।
कोलकाता में फुटबॉल का बुखार एक बार फिर चढ़ने वाला है! डूरंड कप 2025 को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट के महत्व को रेखांकित किया, जिसे सुनकर फुटबॉल प्रेमियों की धड़कनें और तेज हो गईं। उन्होंने न केवल इस कप के गौरवशाली इतिहास को याद किया, बल्कि इसे भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान को भी समर्पित किया। यह घोषणा वाकई दिल को छू लेने वाली है।
#WATCH कोलकाता: डूरंड कप 2025 के बारे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "डूरंड कप सबसे पुराना है। इसकी शुरुआत 1888 में हुई थी। यह दुनिया का तीसरा सबसे पुराना कप है। आज, बैंगलोर की टीम और पश्चिम बंगाल की टीम खेल रही हैं... बंगाल के लोग फुटबॉल से बेहद प्यार करते… pic.twitter.com/SZPAdHaPQl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 24, 2025
डूरंड कप: 137 साल का गौरवशाली इतिहास
क्या आप जानते हैं कि डूरंड कप सिर्फ एक फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि इतिहास का एक जीवंत अध्याय है? इसकी शुरुआत 1888 में हुई थी, और यह इसे दुनिया का तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट बनाता है। सोचिए, 137 सालों से यह कप लगातार खेला जा रहा है! यह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक फुटबॉल इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह हमें उस समय की याद दिलाता है जब खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एकता और सौहार्द का प्रतीक हुआ करता था।
बंगाल का फुटबॉल प्रेम: एक अटूट रिश्ता
मुख्यमंत्री बनर्जी ने बिल्कुल सही कहा, "बंगाल के लोग फुटबॉल से बेहद प्यार करते हैं।" यह सिर्फ एक वाक्य नहीं, बल्कि एक सच्चाई है जो बंगाल की मिट्टी में बसी हुई है। गली-गली में फुटबॉल की दीवानगी दिखती है। छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई इस खेल से जुड़ा हुआ महसूस करता है। कोलकाता को भारतीय फुटबॉल का मक्का कहा जाता है और यहां के क्लबों और खिलाड़ियों ने हमेशा देश का नाम रोशन किया है। यह जुनून ही है जो डूरंड कप जैसे आयोजनों को और भी खास बना देता है। जब कोलकाता में डूरंड कप 2025 का आयोजन होगा, तो यकीन मानिए, पूरे शहर में एक उत्सव का माहौल होगा।
आज के विशेष मैच में बेंगलुरु की टीम और पश्चिम बंगाल की टीम के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच का नहीं, बल्कि दो अलग-अलग खेल शैलियों और जुनून का संगम है। दोनों टीमें अपनी पूरी ताकत से मैदान में उतरेंगी और दर्शकों को एक रोमांचक अनुभव मिलेगा। डूरंड कप हमेशा से अप्रत्याशित परिणामों के लिए जाना जाता है, और आज का मैच भी कुछ ऐसा ही होने की उम्मीद है। कौन जीतेगा? यह कहना मुश्किल है, लेकिन इतना तय है कि यह मुकाबला याद रखा जाएगा।
सेना को समर्पित डूरंड कप: एक भावुक क्षण
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह बयान कि "मैं यह कप सेना को समर्पित करती हूं," सचमुच हृदय को छू लेने वाला है। यह न केवल हमारे सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है, बल्कि उन्हें देश के गौरवशाली आयोजनों का हिस्सा भी बनाता है। हमारी सेना हर मौसम और हर परिस्थिति में देश की रक्षा करती है, और उनके बलिदान को पहचानना बेहद महत्वपूर्ण है। डूरंड कप 2025 के साथ सेना का यह जुड़ाव इस टूर्नामेंट को और भी गरिमामय बना देता है। यह खेल और राष्ट्रवाद का एक सुंदर मिश्रण है।
खेला होबे! बंगाल का खेल के प्रति समर्पण
पश्चिम बंगाल हमेशा से खेलों को बढ़ावा देने में आगे रहा है। "खेला होबे!" का नारा केवल एक नारा नहीं, बल्कि राज्य के खेल प्रेम का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें अपने खेल और खिलाड़ियों पर गर्व है।" यह गर्व सिर्फ कहने भर से नहीं आता, बल्कि लगातार समर्थन और प्रोत्साहन से आता है। डूरंड कप 2025 जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी करना इस समर्पण का ही एक प्रमाण है। यह युवाओं को खेलों से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर देता है।
डूरंड कप 2025 से काफी उम्मीदें हैं। उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट न केवल फुटबॉल के मानकों को ऊपर उठाएगा, बल्कि पूरे देश में खेल के प्रति जुनून को और बढ़ाएगा। यह युवा खिलाड़ियों के लिए एक मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। साथ ही, यह देशभर के फुटबॉल प्रेमियों को एक साथ लाने का एक बेहतरीन अवसर भी होगा। कोलकाता के लोग पहले से ही इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और यह निश्चित रूप से एक यादगार टूर्नामेंट होगा।
हम सब को मिलकर इस ऐतिहासिक डूरंड कप का हिस्सा बनना चाहिए और अपनी टीमों को प्रोत्साहित करना चाहिए। यह सिर्फ एक खेल नहीं, यह एक भावना है, एक इतिहास है, और एक गौरव है!
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