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Mumbai की मीठी नदी सफाई परियोजना में घोटाला, जानिए - ED और EOW को कैसे मिला बॉलीवुड कनेक्शन?

मुंबई की मीठी नदी सफाई परियोजना में 65 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। ED और EOW की जांच में बीएमसी अधिकारियों, ठेकेदारों और बिचौलियों की मिलीभगत सामने आई है।

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Ajit Kumar Pandey
मुंबई मीठी नदी सफाई परियोजना में घोटाला, ED और EOW की कार्रवाई, बॉलीवुड कनेक्शन | यंग भारत न्यूज

मुंबई मीठी नदी सफाई परियोजना में घोटाला, ED और EOW की कार्रवाई, बॉलीवुड कनेक्शन | यंग भारत न्यूज

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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क ।मुंबई की मीठी नदी सफाई परियोजना में 65 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच ईडी कर रही है। आज शुक्रवार 6 जून 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई स्थानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में बीएमसी अधिकारियों, ठेकेदारों और बिचौलियों के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं के सबूत मिले हैं, जिससे मुंबईकरों में आक्रोश और चिंता बढ़ गई है।

मीठी नदी सफाई परियोजना के तहत बीएमसी ने 2019 से 2025 के बीच गाद हटाने के लिए 1100 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। हालांकि, जांच में पाया गया कि ठेकेदारों ने गाद हटाने का फर्जी दावा किया और बीएमसी अधिकारियों की मिलीभगत से 65 करोड़ रुपये का हेराफेरी किया गया। 

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में पहली FIR दर्ज की है। साथ ही 8 से 9 स्थानों पर छापेमारी भी की। पुलिस की FIR में 5 ठेकेदारों, 3 बीएमसी अधिकारियों, 2 कंपनी के प्रतिनिधियों और 3 बिचौलियों के नाम शामिल हैं। 

ED की जांच में सामने आया बॉलीवुड कनेक्शन

ED ने मुंबई EOW की जांच के आधार पर ECIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। इसमें कई अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। साथ ही जांच के दौरान इस घोटाले में बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया और उनके भाई सैंटिनो मोरिया से भी पूछताछ की गई है। EOW को मुख्य आरोपी के कॉल रिकॉर्ड्स से इन दोनों के नाम मिले हैं। 

नागरिकों की चिंता और प्रशासन की जवाबदेही

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प्रतिवर्ष मानसून से पहले मीठी नदी की सफाई का दावा किया जाता है, लेकिन भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण यह काम अधूरा रह जाता है। इससे मुंबई में बाढ़ और जलजमाव की समस्या बनी रहती है।

नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने बीएमसी से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा, तब तक मुंबई की जल निकासी व्यवस्था में सुधार नहीं हो सकता।

मीठी नदी सफाई घोटाले ने मुंबई की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ED और EOW की जांच से उम्मीद है कि दोषियों को सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगेगी।

क्या आप इस घोटाले से चिंतित हैं? अपने विचार कमेंट में साझा करें। 

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