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भिवंडी में ATS का छापा: सिमी नेटवर्क की बड़ी साजिश बेनकाब!

भिवंडी में ATS की छापेमारी से सिमी नेटवर्क की साजिश उजागर, साकिब नाचन के घर से अहम सुराग मिले। क्या सिमी फिर से सक्रिय हो रहा है? इस खबर में पढ़ें हर जरूरी जानकारी।

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Ajit Kumar Pandey
MUMBAI ATS RAID NEWS
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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क ।महाराष्ट्र ATS की बड़ी कार्रवाई, आतंक की जड़ तक पहुंचने की कोशिश। भिवंडी में सिमी के संदिग्ध आतंकी नेटवर्क पर छापेमारी। साकिब नाचन के घर से बरामद हुए अहम सुराग। आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन से मचा हड़कंप, स्थानीय लोग दहशत में। खुफिया इनपुट के बाद कार्रवाई, सिमी की फिर सक्रियता की आशंका। 

महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बार फिर सिमी (SIMI) से जुड़े पुराने नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रतिबंधित संगठन सिमी के कथित सदस्य साकिब नाचन के घर पर हुई छापेमारी से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। ATS को संदेह है कि सिमी के पुराने नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है।

ATS का एक्शन: सिमी के नेटवर्क पर दोबारा जांच

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने भिवंडी के रहने वाले और पूर्व में सिमी से जुड़े रहे साकिब नाचन के घर पर अचानक छापा मारा। यह छापेमारी एक पुराने आतंकी मामले से जुड़े इनपुट के आधार पर की गई। बताया जा रहा है कि ATS को कुछ ऐसे दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं जो यह इशारा करते हैं कि सिमी का नेटवर्क अभी भी गुपचुप तरीके से सक्रिय है।

कौन है साकिब नाचन और क्यों बना जांच का केंद्र?

साकिब नाचन, जो कभी सिमी संगठन का अहम हिस्सा रहा है, पूर्व में भी कई बार जांच एजेंसियों के निशाने पर रहा है। माना जा रहा है कि वह फिर से कट्टरपंथी युवाओं को जोड़ने की कोशिश में लगा हुआ था। उसके घर से मिले कुछ संदिग्ध कागजात, पेन ड्राइव और मोबाइल डाटा को ATS ने जब्त कर लिया है।

भिवंडी में बढ़ा खौफ, लोग बोले- 'हमने ऐसा पहले नहीं देखा'

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ATS की इस कार्रवाई के बाद भिवंडी में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके इलाके में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियां हो सकती हैं। कई लोग दहशत में हैं, तो कुछ खुलकर ATS की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं।

क्या सिमी फिर से बन रहा है राष्ट्रीय खतरा?

भले ही सिमी को 2001 में केंद्र सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन समय-समय पर इसके पुराने नेटवर्क के पुनः सक्रिय होने की खबरें आती रही हैं। भिवंडी में ATS की कार्रवाई ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है कि सिमी या उससे जुड़े कट्टरपंथी समूह देश में अस्थिरता फैलाने की साजिश रच रहे हैं।

ATS ने क्या कहा?

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ATS अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी खुफिया जानकारी के आधार पर की गई और फिलहाल जांच जारी है। डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से डेटा की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि नेटवर्क कितना विस्तृत है और इसके तार कहां तक फैले हैं।

भिवंडी की इस घटना ने हमें एक बार फिर याद दिलाया है कि आतंकवाद का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। सिमी जैसे संगठन भले ही प्रतिबंधित हों, लेकिन उनका नेटवर्क अब भी कहीं न कहीं छुपा हुआ हो सकता है। ATS की इस कार्रवाई से देश की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन इससे यह सवाल भी खड़ा होता है कि और कितने ऐसे नेटवर्क आज भी सक्रिय हैं?

क्या आपको लगता है कि सिमी जैसे संगठनों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की जरूरत है? नीचे कमेंट कर अपनी राय जरूर बताएं। 

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