Advertisment

ओडिशा BJP में भूचाल : हिंसा के आरोप में 5 नेता निलंबित!

ओडिशा भाजपा में भूचाल! प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने भुवनेश्वर निगम कार्यालय में हिंसा के आरोप में 5 नेताओं को निलंबित किया। इसमें कॉर्पोरेटर अपरूप नारायण राउत भी शामिल हैं। यह कदम अनुशासनहीनता पर पार्टी की सख्त कार्रवाई दर्शाता है।

author-image
Ajit Kumar Pandey
ओडिशा BJP में भूचाल : हिंसा के आरोप में 5 नेता निलंबित! | यंग भारत न्यूज

ओडिशा BJP में भूचाल : हिंसा के आरोप में 5 नेता निलंबित! | यंग भारत न्यूज Photograph: (Google)

Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क ।ओडिशा की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) कार्यालय में हुई कथित हिंसा के मामले में 5 वरिष्ठ नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। इस बड़े एक्शन ने पार्टी के भीतर और बाहर, दोनों जगह हलचल मचा दी है।

मंगलवार 1 जुलाई 2025 को भुवनेश्वर नगर निगम कार्यालय में कुछ ऐसा हुआ जिसने राजनीतिक गलियारों में तूफान ला दिया। आरोप है कि निगम कार्यालय में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा हिंसा की गई। इस घटना के बाद से ही ओडिशा में राजनीतिक माहौल गरमा गया था। हालांकि, पार्टी ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की है, जिससे यह संदेश दिया गया है कि भाजपा अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

निलंबित किए गए नेताओं में प्रमुख नाम हैं

  1. कॉर्पोरेटर - अपरूप नारायण राउत
  2. रश्मि रंजन महापात्रा
  3. देबाशीष प्रधान
  4. शचीकांत स्वाइन
  5. संजीव मिश्रा

इन सभी पर बीएमसी कार्यालय में हुई हिंसा में शामिल होने का आरोप है।

        मनमोहन सामल का कड़ा संदेश: अनुशासन सर्वोपरि

भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या हिंसक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। — मनमोहन सामल, प्रदेश अध्यक्ष ओडिसा

ओडिशा भाजपा पर दबाव और भविष्य की रणनीति

Advertisment

यह घटना और इसके बाद की कार्रवाई ओडिशा भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकती है। एक तरफ यह दिखाता है कि पार्टी आंतरिक तौर पर कितनी मजबूत है और गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, विपक्षी दल इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर सकते हैं।

भाजपा के लिए अब यह चुनौती है कि वह इस घटना के बाद अपनी छवि को कैसे बनाए रखती है और आगामी चुनावों में जनता का विश्वास कैसे जीतती है। क्या यह निलंबन अन्य नेताओं के लिए एक चेतावनी का काम करेगा?

आपका नजरिया इस खबर पर क्या है? नीचे कमेंट करें और अपने विचार साझा करें! 

bjdodisa | odisa | bjp 

bjp odisa bjdodisa
Advertisment
Advertisment