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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्कः झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बेटे कृष अंसारी रांची के पारस अस्पताल का निरीक्षण करते पाए गए। इसका एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बहस छिड़ गई है। हालांकि मंत्री जी को अपने बेटे की हरकत पर कोई दुख नहीं है। उन्होंने अपने बेटे के इस कदम का बचाव करते हुए इसे दुरुस्त बताया।
अपने दोस्तों के साथ अस्पताल में दिखे मंत्री के बेटे कृष
इंस्टाग्राम पर वायरल हुए इस वीडियो में कृष एक अंगरक्षक और दोस्तों के साथ अस्पताल परिसर में घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। क्लिप में वह मरीजों से बातचीत करते और उनकी समस्याओं को सुनते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कृष को रांची स्थित मंत्री के आधिकारिक आवास पर लोगों से बात करते देखा जा सकता है। कृष अंसारी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए एक अलग वीडियो में वह मरीजों से हालचाल पूछते हुए दिखाई दे रहे हैं। वो कह रहे हैं कि कोई परेशानी है आपको, अगर है तो मुझे बताएं। उनके एक दोस्त को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कोई तकलीफ है तो बताइए, मंत्री जी के बेटे आए हुए हैं, बड़े बेटे।
विपक्ष के हमले के बाद हटा दिया वीडियो
इस वीडियो की विपक्ष ने तीखी आलोचना की और सवाल उठाया कि मंत्री के बेटे को एक चिकित्सा संस्थान का ऐसा दौरा करने का क्या अधिकार है। बढ़ते विरोध के बाद कृष अंसारी ने इंस्टाग्राम से वीडियो हटा दिया। फिर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि कृष कांग्रेस नेता फुरकान अंसारी का पोता है। उसमें उनके ही गुण हैं। उन्होंने कहा कि कृष ने कोई गलत काम नहीं किया है। मंत्री के अनुसार कृष के टीचर की तबियत खराब थी। वो उनसे मिलने अस्पताल गए थे। कुछ आदिवासी मरीजों की मदद के लिए वहीं रुक गए थे।
मंत्री बोले- किसी की मदद करना कोई गुनाह तो नहीं
मंत्री ने कहा कि उनके बेटे ने जो किया उसमें कुछ भी गलत नहीं है। कोई भी अस्पताल जा सकता है। कोई भी मदद कर सकता है। उन्होंने किसी को कुचला नहीं, न ही किसी की जान ली और न ही किसी दलित का अपमान किया। वह सिर्फ मानवीय आधार पर अस्पताल गए थे। सभी को इसकी सराहना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मदद की पेशकश करने वाले की सराहना की जानी चाहिए, निंदा नहीं।
बीजेपी ने मंत्री पर बोला जोरदार हमला
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। बीजेपी ने सत्ता के दुरुपयोग और प्रशासनिक प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि एक संवैधानिक पदाधिकारी के बेटे को सरकारी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों का दौरा करने या उनका निरीक्षण करने का कोई अधिकार नहीं है।
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