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SIR Phase-2: 12 राज्यों में 99.53 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित, डिजिटलीकरण 78.97 प्रतिशत

दैनिक बुलेटिन के अनुसार, राष्ट्रव्यापी ईएफ वितरण 99.53 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलने वाले गणना चरण के दौरान, पात्र 50.97 करोड़ मतदाताओं में से कुल 50.73 करोड़ को ईएफ पहले ही वितरित किए जा चुके हैं

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Mukesh Pandit
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SIR Phase-2: 12 राज्यों में 99.53 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित, डिजिटलीकरण 78.97 प्रतिशत> File

नई दिल्ली, आईएएनएस।बिहार के बाद देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने शनिवार को दैनिक बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 99.53 प्रतिशत गणना प्रपत्र (ईएफ) पहले ही वितरित किए जा चुके हैं। 

ईएफ वितरण 99.53 प्रतिशत तक पहुंचा

दैनिक बुलेटिन के अनुसार, राष्ट्रव्यापी ईएफ वितरण 99.53 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलने वाले गणना चरण के दौरान, पात्र 50.97 करोड़ मतदाताओं में से कुल 50.73 करोड़ को ईएफ पहले ही वितरित किए जा चुके हैं। ईएफ का डिजिटलीकरण भी तेजी से बढ़ रहा है। अब तक 40.25 करोड़ फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं, जिससे कुल डिजिटलीकरण दर 78.97 प्रतिशत हो गई है।

गोवा और लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत

गोवा और लक्षद्वीप में ईएफ का वितरण पूरी तरह से 100 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इसके बाद अंडमान और निकोबार में 99.99 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.9 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.85 प्रतिशत और गुजरात में 99.82 प्रतिशत वितरण हुआ है। मतदाता संख्या के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश ने 15.40 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को कवर करते हुए 99.74 प्रतिशत ईएफ वितरण हासिल किया है।

 पश्चिम बंगाल में 7.65 करोड़ ईएफ वितरित

केरल 98.4 प्रतिशत, पुडुचेरी 98.39 प्रतिशत, और तमिलनाडु 98.34 प्रतिशत के साथ सबसे कम प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं। पश्चिम बंगाल में 7.65 करोड़ या 99.85 प्रतिशत ईएफ वितरित किए जा चुके हैं। चुनाव आयोग के एक बयान में कहा गया है कि राज्य में 91.77 प्रतिशत ईएफ का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।डिजिटलीकरण के मामले में लक्षद्वीप 100 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है, उसके बाद गोवा 95.17 प्रतिशत और राजस्थान 92.66 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

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उत्तर प्रदेश में ईएफ का डिजिटलीकरण सबसे धीमा

उत्तर प्रदेश में ईएफ का डिजिटलीकरण सबसे धीमा 60.91 प्रतिशत दर्ज किया गया है, उसके बाद केरल (73.02 प्रतिशत) का स्थान है।चुनाव आयोग ने कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सत्यापन और डिजिटलीकरण में तेजी लाने के लिए और अधिक बूथ स्तरीय एजेंट नियुक्त करने का आग्रह किया गया है। चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि राजस्थान के आंकड़ों में अंता विधानसभा क्षेत्र शामिल नहीं है, जहां उपचुनाव के कारण संशोधन स्थगित कर दिया गया था।आयोग ने कहा कि जैसे-जैसे संशोधन प्रक्रिया 4 दिसंबर की समय सीमा की ओर बढ़ेगी, एजेंसी निर्धारित बुलेटिन जारी करती रहेगी।आईएएनएस
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