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Crime : फर्जी एडमिशन के रैकेट का पर्दाफाश, साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किये शातिर ठग

दिल्ली-एनसीआर में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में फर्जी दाखिले का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। द्वारका साइबर क्राइम पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस की मदद से इस नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों कुशाग्र श्रीवास्तव

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Syed Ali Mehndi
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साइबर क्राइम पुलिस की गिरफ्त में शातिर ठग

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गाजियाबाद, वाईबीएन संवाददाता 

दिल्ली-एनसीआर में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में फर्जी दाखिले का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। द्वारका साइबर क्राइम पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस की मदद से इस नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों कुशाग्र श्रीवास्तव और चिन्मय सिंह गिरफ्तार किया। दोनों को इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के न्यायखंड और शक्तिखंड से दबोचा गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद की, जिसे जब्त कर लिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह छात्रों और अभिभावकों को प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का लालच देकर ठगी करता था।

साइबर सेल की सतर्कता

इस मामले में एफआईआर नंबर 50/2025 दर्ज की गई है। यह केस धारा 318(4)/61(2) BNS के तहत पंजीकृत हुआ है। एफआईआर की तारीख 25 अगस्त 2025 है और केस की जांच का जिम्मा साइबर पुलिस स्टेशन, द्वारका, नई दिल्ली को सौंपा गया है। जांच अधिकारी एसआई विकास सांगवान को नियुक्त किया गया है।एफआईआर की कॉपी के अनुसार, आरोपियों से गहन पूछताछ जरूरी समझी गई है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। पुलिस ने आरोपियों और गवाहों को नोटिस जारी कर यह हिदायत दी है कि वे न तो सबूतों से छेड़छाड़ करें और न ही किसी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास।

अधिवक्ताओं की हड़ताल

आरोपियों को द्वारका कोर्ट में पेश किया जाना था। लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते पेशी संभव नहीं हो सकी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में ही हैं अब उन्हें कल अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। गिरोह का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों तक फैला हुआ है और इसमें और भी लोगों की संलिप्तता हो सकती है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का नाम लेकर लोगों को फंसाया गया और अब तक कितने करोड़ रुपये की ठगी की गई। कई ऐसे परिवार सामने आए हैं जिनके बच्चों को दाखिले का भरोसा दिलाकर बड़ी रकम वसूली गई, लेकिन बाद में या तो एडमिशन रद्द कर दिया गया या फिर कोई प्रवेश ही नहीं हुआ। इससे अभिभावकों में गहरी नाराजगी और भय का माहौल है।

पूरे नेटवर्क की तलाश

द्वारका साइबर सेल के अधिकारी विकास सांगवान के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर मास्टरमाइंड को भी पकड़ा जाएगा। अधिकारियों ने अभिभावकों और छात्रों को आगाह किया है कि वे किसी भी दाखिला प्रक्रिया में केवल आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता प्राप्त माध्यमों पर ही भरोसा करें।दिल्ली-एनसीआर जैसे शिक्षा केंद्र में इस तरह की ठगी का भंडाफोड़ युवाओं और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। यह मामला साबित करता है कि डिजिटल युग में साइबर अपराध कितनी तेजी से फैल रहा है। फिलहाल पुलिस की सख्त कार्रवाई से कई और राज सामने आने की उम्मीद है और अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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