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काल्पनिक चित्र
गाजियाबाद,वाईबीएन संवाददाता
जनपद में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने पर मरीजों को जान तक गवानी पड़ी है. झोलाछाप से तात्पर्य है ऐसे लोग, जिनके पास न तो कोई डिग्री है और न ही क्लीनिक को चलाने के लिए कोई लाइसेंस, फिर भी यह लोग क्लीनिक का संचालन कर मरीजों को इलाज उपलब्ध करा रहे हैं. मोटी रकम कमाने के लिए झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है.
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दो टीमों का गठन किया गया है. जिन क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही थी कि अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है वहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों की तरफ से कार्रवाई की जा रही है. अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन करने पर 16 लोगों पर स्वास्थ्य विभाग ने एफआईआर दर्ज करवाई है. स्वास्थ्य विभाग की टीमों की तरफ से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर ऐसे क्लीनिक को भी चिह्नित किया जा रहा है जिनका संचालन अनक्वालिफाइड व्यक्ति द्वारा बिना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
कई संस्थाएं हैं कार्यरत
इस मामले में बड़ी बात है कि जनपद में एक दर्जन से अधिक झोलाछाप डॉक्टर की संगठन चल रही है जिनके वकायदा कार्यक्रम होते हैं और वहां पुरस्कार वितरण भी होता है।
ऑल इंडिया प्राइवेट चिकित्सक संगठन
मोदीनगर की इस संस्था के संस्थापक डॉक्टर संजय सिंह बताए जाते हैं जिनके पास कोई मेडिकल क्षेत्र की विधि व डिग्री नहीं है ना ही उनका कहीं रजिस्ट्रेशन है लेकिन उनके संगठन में 271 झोलाछाप डॉक्टर सम्मिलित है जिनको बाकायदा वार्षिक शुल्क के साथ सदस्यता दी गई है इस सदस्यता में झोलाछाप डॉक्टर को एक आई कार्ड और प्रमाण पत्र दिया जाता है।
अखिल भारतीय चिकित्सा संघ
जिले के लोनी क्षेत्र में बड़ी संख्या में झोलाछाप डॉक्टर कार्यरत हैं जो कि हर तरह का इलाज करने का दावा करते हैं बड़ी बात है कि उनके पास कोई विधि व डिग्री नहीं है लेकिन उनके पास अखिल भारतीय चिकित्सा संघ का प्रमाण पत्र है जो कि प्रमाणित करता है कि वह आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली से मरीज का इलाज कर सकते हैं परंतु उनके पास आयुर्वेद की भी कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है इसके अलावा बड़ी बात यह है कि अधिकतर डाक्टर एलोपैथिक दवाई लिखते हैं। इस संगठन में 353 डॉक्टर सदस्य बताए जाते हैं।
ऑल इंडिया डॉक्टर्स एसोसिएशन
खोड़ा क्षेत्र में ऑल इंडिया डॉक्टर्स एसोसिएशन का दबदबा दिख रहा है जहां पर इस बैनर के तले 167 से अधिक डॉक्टर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जांच और मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे हैं। क्षेत्र में गरीब लोगों की भरमार ज्यादा है जहां पर यह झोलाछाप डॉक्टर विभिन्न तरह के इलाज से लेकर हृदय रोग और कैंसर जैसी जटिल बीमारियों के भी इलाज में खुद को महारथी मानते हैं।
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