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कूड़ा निस्तारण केंद्र
गाजियाबाद,वाईबीएन संवाददाता
साहिबाबाद क्षेत्र में नगर निगम द्वारा बनाए गए आधुनिक कूड़ा निस्तारण केंद्र की हालत बद से बदतर होती जा रही है। करोड़ों रुपये खर्च करके पीपीपी मॉडल के अंतर्गत इस केंद्र का निर्माण कराया गया था, लेकिन अब इसकी देखरेख न होने के कारण यह बीमारियों का गढ़ बनता जा रहा है।
गंदगी का अंबार
राजेंद्र नगर डी ब्लॉक नवीन पार्क क्षेत्र में बनाए गए इस केंद्र का संचालन मेट्रो वेस्ट हैंडलिंग प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया था। उद्देश्य था कि आधुनिक तकनीक से कूड़े का निस्तारण हो और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखा जाए। लेकिन वर्तमान स्थिति इससे बिलकुल उलट है। केंद्र के बाहर गंदगी का ढेर लगा रहता है और पास का नाला भी कचरे से पटा हुआ है।
नगर आयुक्त से शिकायत
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुनील वैध ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने नगर आयुक्त को लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया। डॉ. वैध का कहना है कि नगर निगम सिर्फ कागजों पर सफाई अभियान चलाता है, जमीनी हकीकत बिलकुल अलग है। जिस उद्देश्य से केंद्र की स्थापना हुई थी, वह पूरा नहीं हो पा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र से उठने वाली बदबू और गंदगी से आसपास रहना मुश्किल हो गया है। बच्चे और बुजुर्ग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। स्थिति यह है कि डेंगू, मलेरिया और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।
लापरवाह नगर निगम
लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद निगम अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में कूड़ा निस्तारण एक बड़ी चुनौती है। यदि निगम इस पर गंभीरता नहीं दिखाता तो आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।