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पुलिस को दिया ज्ञापन
गाजियाबाद, वाईबीएन संवाददाता
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माता के विरुद्ध विपक्षी नेताओं द्वारा लगातार अभद्र और आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग किए जाने से आक्रोशित राष्ट्रप्रेमियों ने शुक्रवार को क्रासिंग गोल चक्कर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे और विपक्षी दलों की ऐसी बयानबाजी को न केवल निंदनीय बल्कि भारतीय संस्कृति व राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ बताया।
पीएम मोदी देश का गौरव
भाजपा नेत्री प्रीती चंद्रा राय ने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत को विश्व पटल पर गौरव दिलाने का कार्य कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल निजी और पारिवारिक स्तर पर अमर्यादित टिप्पणी करके देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। वही इस मौके पर भाजपा नेता आलोक श्रीवास्तव का कहना था कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, परंतु किसी भी जनप्रतिनिधि के परिवार पर कीचड़ उछालना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इस तरह की भाषा से विपक्ष जनता का भरोसा खो रहा है।
पुलिस को दी शिकायत
पुतला दहन के उपरांत राष्ट्रप्रेमियों का एक प्रतिनिधिमंडल क्रासिंग थानाध्यक्ष से मिला और ऐसे नेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की, जो प्रधानमंत्री व उनकी दिवंगत माता के संबंध में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अगर इस प्रकार के बयानों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में यह प्रवृत्ति समाज में और अधिक कटुता फैलाएगी।इस मौके पर आलोक श्रीवास्तव, आलोक मिश्रा, प्रीति चंद्रा, प्रिया आर्या, पुष्पा पांडेय, राहुल सिन्हा, कुणाल सिन्हा, रजनीश शर्मा, योगेंद्र जाटव, शिवम, संजीव राणा, सुरेन्द्र सिंह, ऋतिक, सुभाष, राजकुमार, अनूप सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत आक्षेप करने वाले विपक्षी नेताओं के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अभद्र टिप्पणी पर हो करवाई
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि देश के प्रधानमंत्री पर इस तरह की अभद्र टिप्पणियां केवल व्यक्ति विशेष का अपमान नहीं बल्कि भारत की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं का भी अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की बयानबाजी भविष्य में भी जारी रही तो पूरे देश में व्यापक स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा।लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और विपक्षी दलों से राजनीति की भाषा को शिष्ट और मर्यादित बनाए रखने की अपील की। उपस्थित जनसमूह का कहना था कि भारतीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है, किंतु यह भूमिका तभी सार्थक होगी जब विपक्ष मुद्दों पर आधारित सकारात्मक राजनीति करेगा, न कि व्यक्तिगत हमले।इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी राष्ट्रहित के विरुद्ध किसी भी अपमानजनक बयान के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।