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स्टांप घोटाला जांच
गाजियाबाद वाईबीएन संवाददाता
यूपी में फर्जी स्टांप की जांच का दायरा बढ़ गया है। स्टांप और निबंधन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल के आदेश पर अब पूरे प्रदेश में स्टांप घोटाले की जांच का आदेश दिया गया है। अब हर जिले से वर्तमान वित्तीय वर्ष के कम से कम पांच दस्तावेज लेखकों और कर चोरी के मामलों का रिपोर्ट तलब की गई है। सभी जिलों के डीएम, एडीएम और एआईजी को आदेश जारी हुआ है।
रूटीन जांच
इस संबंध में ज़िला प्रशासन क़ा कहना है कि यह सिर्फ गाजियाबाद की जाँच नही है। बल्कि पुरे प्रदेश के सभी जिलों जिलों के लिए जांच का आदेश आया है ऐसे में गाजियाबाद में कोई घोटाला हुआ है यह बात कहना बिल्कुल गलत है।
मंत्री ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र
स्टांप और निबंधन मंत्री ने फर्जी स्टांप मामले में प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर शातिर गिरोह द्वारा विभिन्नbजिलों में सुनियोजित ढंग से स्टांप चोरी कर राजस्व को बड़ी क्षति
पहुंचाने की आशंका जताई थी। उन्होंने यह भी कहा कि स्टांप चोरी के प्रकरणों में कतिपय दस्तावेज लेखक और विधि व्यवसायी के भी शामिल होने की शिकायतें हो रही हैं।
मचा हड़कंप
मंत्री ने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है। ऐसे में स्टांप चोरी से संबंधित मामलों में दस्तावेज लेखकों और विधि व्यवसाइयों की जिलेवार रिपोर्ट तैयार कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मंत्री के निर्देश पर अब निबंधन महानिरीक्षक ने प्रदेश के सभी जिलों के डीएम, जिला निबंधक/एडीएम वित्त, एआईजी स्टांप और डीआईजी स्टांप को तथ्यों की जांच कराकर स्टांप चोरी से संबंधित दस्तावेज लेखकों, विधि व्यवसाइयों के वर्तमान
वित्तीय वर्ष-2024-2025 के कम से कम पांच बैनामों का रिकार्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है। जिलेवार ऐसे लोगों की सूची, नाम, पता और रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ ब्योरा मांगा गया है।
दलालों का राज
जिले की तीनों ही तहसीलों पर स्टा एमपी एवं राजस्व से संबंधित मामलों में दलालों का एक छत्र साम्राज्य दिखाई देता है किसी का कोई भी काम अटका हो कोई भी समस्या हो अगर दलालों के संपर्क में रहोगे तो काम बेहद सुगमता से हो जाएगा निश्चित रूप से दलाल सीधा उल्टा आना तिरछा सभी तरह का काम करने में मास्टर होते हैं जो सुविधा शुल्क के बदले आपका काम बेहद सुगमता से कर देते हैं।