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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्कः अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारतीय रुपये का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि यह डॉलर को मात नहीं दे सकता। ट्रम्प प्रशासन के हालिया कदमों में भारत पर 50% टैरिफ लगाया गया है। ये शुल्क अमेरिका में उपभोक्ताओं के लिए भारतीय उत्पादों को महंगा बना देंगे। टैरिफ के बाद अमेरिका भारतीय रुपये की क्षमता और भारतीय व्यापार नीतियों के प्रति आग उगलने लगा है।
शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। ये फिलहाल 87.965 पर आ गया है।
फाक्स न्यूज से बोले- मुझे रुपये की चिंता नहीं
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने वैश्विक मुद्रा के रूप में भारतीय रुपये की क्षमता को कम करके आंका। जब फॉक्स न्यूज के एंकर ने पूछा कि क्या आपको चिंता है कि भारत डॉलर के बजाय रुपये में व्यापार करेगा? बेसेंट ने जवाब दिया- मुझे कई बातों की चिंता है। लेकिन रुपये का कद बढ़ना उनमें से एक नहीं है। बेसेंट ने कहा कि भारतीय मुद्रा वर्तमान में सबसे निचले स्तर के करीब है। इससे वैश्विक व्यापार में डॉलर की ताकत का पता चलता है।
बोले- ट्रम्प और पीएम मोदी के बीच अच्छे संबंध
बेसेन्ट ने अमेरिका-भारत संबंधों को बहुत जटिल बताया, लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मजबूत व्यक्तिगत तालमेल का हवाला देते हुए कहा कि भविष्य उतना धुंधला नहीं है। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री मोदी और ट्रम्प के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। मुझे लगता है कि आखिर में हम साथ आएंगे। हालांकि, उन्होंने रूस से सस्ते दामों पर कच्चा तेल खरीदने के भारतीय फैसले की आलोचना की।
पहले ट्रम्प ने उड़ाया था भारतीय अर्थव्यवस्था का मजाक
राष्ट्रपति ट्रम्प ने 31 जुलाई को रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर भारत की अर्थव्यवस्था का मजाक उड़ाया था। उन्होंने भारत के ऊंचे टैरिफ की ओर इशारा करते हुए कहा कि मुझे इसकी परवाह नहीं है कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को मिलकर गिरा सकते हैं। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
अमेरिकी अर्थशास्त्री ने कहा- भारत हाथी तो अमेरिका चूहा
हालांकि, विशेषज्ञों की राय इससे अलग है। अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड वोल्फ ने कहा कि अमेरिका भारत के खिलाफ क्रूर आदमी की तरह बर्ताव कर रहा है। ऐसा करके वह खुद अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार रहा है, क्योंकि वह ब्रिक्स को पश्चिम का आर्थिक विकल्प बनाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा देश है। अमेरिका का भारत को यह बताना कि उसे क्या करना है, ऐसा है जैसे चूहे का हाथी को मुक्का मारना।
अमेरिकी टैरिफ के जवाब में, भारत ने टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए एक मजबूत जवाबी कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, फ़्रांस, इटली, स्पेन, कनाडा, मेक्सिको, रूस और ऑस्ट्रेलिया सहित 40 प्रमुख वैश्विक बाजारों में आउटरीच कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। ये प्रयास कपड़ा निर्यात को बढ़ावा देने और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए हैं। तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद व्यापार वार्ता जारी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अमेरिका अपने टैरिफ रुख पर पुनर्विचार कर सकता है।
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