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अलीगढ़ की घटना पर बिफरी कम्युनिस्ट पार्टी, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, कड़ी कार्रवाई की मांग

अलीगढ़ में कुछ युवकों पर गोमांस ले जाने के संदेह में हुई भीड़ की हिंसा पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अपनी नाराजगी स्पष्ट रूप से जताई है।

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Akhilesh Shukla
प्रदर्शन करते सीपीआईएम के कार्यकर्ता।

प्रदर्शन करते सीपीआईएम के कार्यकर्ता। Photograph: (फोटो-वाईबीएन)

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कानपुर, वाईबीएन संवाददाता 

अलीगढ़ में कथित तौर पर गोमांस ले जाने के शक में कुछ युवकों के साथ भीड़ की हिंसा पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी की कानपुर जिला समिति ने सोमवार को कानपुर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

झूठे आरोप में हुए हिंसा का शिकार 

जिला समिति कार्यकर्ता मोहम्मद वसीम के अनुसार अलीगढ़ में एक गाड़ी में मांस ले जा रहे चार लोगों को कुछ कथित हिंदूवादी संगठनों के सदस्यों ने घेरकर पीटा और उन्हें गौमांस की तस्करी के झूठे आरोप में हिंसा का शिकार बनाया। पीड़ितों का कहना है कि न सिर्फ उन्हें मारा-पीटा गया, बल्कि जलाने की धमकी भी दी गई और पैसों की भी जबरन वसूली की गई।

किया कानून का उल्लंघन 

घटना के बाद पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया कि गाड़ी में ले जाया जा रहा मांस गौमांस नहीं था। इसके बावजूद एक विशेष वर्ग को निशाना बनाकर संविधान और कानून का उल्लंघन किया गया। इसके बाद भी प्रदेश सरकार ने अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। 

इससे बिगड़ेगा सामाजिक सौहार्द्र 

जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन देते सीपीआईएम के लोग।
जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन देते सीपीआईएम के लोग। Photograph: (फोटो-वाईबीएन)

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सीपीआई (एम) कानपुर जिला समिति ने ज्ञापन में कहा है कि यह घटना न केवल धार्मिक उन्माद को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द्र को भी खंडित करती है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और कानून का शासन सुनिश्चित किया जाए। पार्टी ने इस तरह की घटनाओं को समाज में भय और नफरत फैलाने की साजिश करार दिया और सरकार से संविधान और कानून के तहत कठोर कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

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