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नयागंज मेट्रो स्टेशन और चलने को तैयार खड़ी मेट्रो। Photograph: (फोटो-वाईबीएन)
कानपुर, वाईबीएन संवाददाता
कानपुर मेट्रो के लिए 30 मई 2025 का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीएसए ग्राउंड से झंडा दिखाकर मोती झील से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक यात्री सेवा के विस्तार का शुभारंभ करेंगे। कानपुर मेट्रो की विशेष रूप से सजी हुई ट्रेन पहली बार अंडरग्राउंड टनल से होकर गुजरेगी। इस ऐतिहासिक दिन के लिए स्टेशनों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। नयागंज स्टेशन को इस दिन के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। झंडा दिखाते ही अंडरग्राउंड सेक्शन पर पहली बार ट्रेन इसी स्टेशन से रवाना होगी। इस विशेष यात्रा के लिए ट्रेन को फूलों से सजाया गया है। इस ट्रेन में एनजीओ से आए बच्चे देशभक्ति से ओतप्रोत नारों के साथ, हाथ में तिरंगा लिए सफर करेंगे। स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एलईडी स्क्रीन में सीएसए से लाइव प्रसारण किया जाएगा। ऐसा ही लाइव प्रसारण सीएसए ग्राउंड पर भी होगा। जैसे ही मा. प्रधानमंत्री झंडा दिखाएंगे, वैसे ही कानपुर मेट्रो ट्रेन अपने साथ लाखों शहरवासियों के उम्मीदों और सपनों को साकार करते हुए आगे बढ़ेगी।
मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो से यात्रा का सपना होगा साकार
मोतीझील से कानपुर सेंट्रल के बीच पड़ने वाले सभी 5 स्टेशन; चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज और कानपुर सेंट्रल अंडरग्राउंड हैं। अभी तक जमीन के ऊपर वायडक्त पर दौड़ने वाली कानपुर मेट्रो, अब जमीन के नीचे अंडरग्राउंड रूट पर दौड़ेगी। आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो ट्रेन का परिचालन आरंभ होने से शहर के अंदर सार्वजनिक यातायात को सुदृढ़ करने और ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने में काफी मदद मिलेगी। यात्री सेवा के विस्तार के बाद अब लाल इमली, नवीन मार्केट, बी.एन.एस.डी., जी.आई.सी. कालेज, जेड स्क्वायर मॉल, ग्रीनपार्क इन्टरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, बाबा आनन्देश्वर मंदिर, परेड चौराहा, पुस्तक बाजार एवं सोमदत्त प्लाजा जैसे महत्वपूर्ण स्थान मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जायेंगे।
16 किमी की दूरी मात्र 28 मिनट में होगी तय, किराया होगा महज 40 रुपये
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने कहा कि, ‘‘कानपुर मेट्रो ने अपने निर्माण के दौरान विभिन्न चुनौतियों को पार करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। हमारा अंडरग्राउंड मेट्रो रूट शहर के सबसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरता है, जिससे शहर के अंदर यात्रा बहुत सुगम और सुविधाजनक हो जाएगी। आईआईटी से मोतीझील के बीच का सफर महज आधे घंटे से भी कम समय में तय हो सकेगा। हमें निर्माण कार्यों के दौरान शहरवासियों से निरंतर सहयोग और समर्थन प्राप्त हुआ जिसके लिए हम हृदय से उनके आभारी हैं।”