Advertisment

PALAMU:-पलामू में सरकारी स्कूल और कॉलेज की स्थिति

पलामू में सरकारी स्कूल और कॉलेज विविधतापूर्ण समूह हैं, जिनमें से कुछ में अच्छी बुनियादी संरचना और गुणवत्ता है, जबकि अन्य कम नामांकन और ड्रॉप-आउट दरों जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं ।

author-image
Md Zeeshan Samar
GOVT SCHOOLS AND COLLAGES IN PALAMU

CONDITION OF GOVERMENT SCHOOL AND COLLAGES IN PALAMU

YBN PALAMU:-

बुनियादी ढांचे में भिन्नता है, कुछ स्कूलों में अच्छी तरह से बनाए रखा और सुसज्जित कक्षाएं हैं, जबकि अन्य
 को अपग्रेड करने की आवश्यकता है। नामांकन और ड्रॉप-आउट दरों के बारे में भी चिंताएं हैं, खासकर 
प्राथमिक विद्यालयों में।


बुनियादी ढांचा और सुविधाएं:
कुछ स्कूलों में अच्छा बुनियादी ढांचा है:
उदाहरण के लिए, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, पलामू में अच्छी तरह से बनाए गए और विशाल कक्षा-कक्ष हैं,
 तथा इसका निर्माण हाल ही में हुआ है। 
  
अन्य स्कूलों में सुधार की आवश्यकता है:
कुछ स्कूलों को अभी भी कार्यात्मक नहीं बनाया गया है, तथा स्कूलों के उन्नयन के लिए सिविल कार्यों की गति धीमी है।   
मध्याह्न भोजन एक आकर्षण है:
मध्याह्न भोजन कार्यक्रम, जिसमें अंडे और रागी के लड्डू शामिल हैं, छात्रों के लिए एक प्रमुख 
आकर्षण साबित हो रहा है।   


चुनौतियाँ और मुद्दे:


शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भर्ती:
नव-क्रमोन्नत विद्यालयों के लिए शिक्षकों एवं सहायक कर्मचारियों की भर्ती में देरी हुई है।
शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण:
कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाना अभी बाकी है।

धन की कमी:
राज्यांश जमा करने में कमी के कारण आवर्ती निधि जारी करने पर असर पड़ा है।  
 
सकारात्मक पहलू:

Advertisment

मूल्यों और समावेशिता पर जोर:

पलामू के पब्लिक स्कूल नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देते हैं तथा सभी के लिए
 शिक्षा तक समान पहुंच प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं।   

गुणवत्तापूर्ण शिक्षक और विविध पाठ्यक्रम:
पब्लिक स्कूलों में समर्पित शिक्षक कार्यरत हैं और वे विविध पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं, जो छात्रों को
 उच्च शिक्षा और भावी रोजगार के लिए तैयार करते हैं। 
  
मध्याह्न भोजन पौष्टिक होता है:
मध्याह्न भोजन कार्यक्रम में छात्रों को अंडे और रागी सहित पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है।   
कुल मिलाकर पलामू में सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की स्थिति मिली-जुली है। कुछ संस्थानों में अच्छा 
बुनियादी ढांचा और गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम हैं, जबकि अन्य को नामांकन, ड्रॉप-आउट और संसाधन आवंटन
 से संबंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

Advertisment
Advertisment