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PALAMU:-पलामू में विकास कार्य बने भ्रष्टाचार की भेंट, परियोजनाएं अधूरी, जनता परेशान

पलामू जिले में सरकारी विकास योजनाओं की रफ्तार बेहद धीमी है। कई योजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, वहीं कुछ योजनाओं में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। इसके चलते न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि आम जनता मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित है ।

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Md Zeeshan Samar
पलामू में विकास कार्य बने भ्रष्टाचार की भेंट, परियोजनाएं अधूरी, जनता परेशान

पलामू में विकास कार्य बने भ्रष्टाचार की भेंट, परियोजनाएं अधूरी, जनता परेशान

YBN PALAMU:-

गांवों की सड़कों का बुरा हाल:-

जिले के हुसैनाबाद, छत्तरपुर और सतबरवा प्रखंड में सड़क निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। कुछ स्थानों पर सड़कें
 खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे बारिश के मौसम में लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप 
है कि ठेकेदारों और संबंधित विभाग की मिलीभगत से बजट तो खर्च हो गया, लेकिन कार्य अधूरा ही रह गया।

पेयजल योजना में भी घपला :-

पेयजल आपूर्ति के लिए शुरू की गई 'जल जीवन मिशन' के तहत कई पंचायतों में बोरिंग और पाइपलाइन
 बिछाने का कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन समय पर पूरा नहीं हो सका। कई जगह पाइपलाइन बिछाने के बाद उसे
 चालू ही नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार के चलते घटिया गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया गया,
 जिससे कई पाइपलाइन एक साल के अंदर ही फट गईं।

शौचालय निर्माण में अनियमितता:-

स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में भी व्यापक अनियमितता की शिकायतें मिल रही हैं।
 कई लाभार्थियों को धनराशि नहीं मिली, जबकि रिकॉर्ड में उनके नाम पूरे कर दिए गए। जांच में पाया गया कि कुछ 
पंचायतों में बिना निर्माण के ही धन निकाल लिया गया।

प्रशासन की उदासीनता:-

इन तमाम घोटालों और देरी के मामलों के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक किसी भी अधिकारी या ठेकेदार
 पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। आम लोगों का भरोसा धीरे-धीरे सरकारी व्यवस्था से उठता जा रहा है।

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जनता की मांग - हो उच्च स्तरीय जांच:-

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इन सभी योजनाओं की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए 
और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे घोटाले न दोहराए जाएं।

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