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पलामू में रोजगार की स्थिति: चुनौतियाँ और संभावनाएँ
YBN PALAMU:-
लेकिन सिंचाई की कमी, जलवायु परिवर्तन और सीमित कृषि तकनीकों के कारण यह पूरी तरह से भरोसेमंद नहीं रह गई है।
मनरेगा जैसी योजनाएँ ग्रामीणों को अस्थायी राहत देती हैं, लेकिन वह भी सीमित दिनों तक ही कार्य देती है। ज़िले में शिक्षित युवाओं के लिए स्थायी और सम्मानजनक रोजगार
के अवसर बहुत कम हैं। सरकारी भर्तियाँ या तो वर्षों से लंबित हैं या उनकी प्रक्रिया अत्यंत धीमी है।
हालाँकि, पलामू में रोजगार की संभावनाएँ भी कम नहीं हैं। बांस, लाख, वनोपज जैसे प्राकृतिक संसाधनों के माध्यम से कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
पर्यटन क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं, क्योंकि यहाँ कई ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल मौजूद हैं जैसे कि बेतला नेशनल पार्क।सरकार और प्रशासन को चाहिए कि स्थानीय संसाधनों के आधार पर प्रशिक्षण केंद्र, स्टार्टअप सहायता, और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करें। युवाओं को तकनीकी शिक्षा, स्वरोजगार योजनाओं और डिजिटल माध्यमों से जोड़ना बेहद आवश्यक है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योगों की स्थापना और महिला स्वंय सहायता समूहों को मजबूत करना भी रोजगार सृजन की दिशा में कारगर कदम होगा।यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएँ, तो पलामू में न केवल बेरोजगारी कम की जा सकती है, बल्कि यह जिला राज्य के लिए एक आदर्श मॉडल भी बन सकता है।
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