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झारखंड दौरे पर सीडीएस अनिल चौहान बोले 7 मई की स्ट्राइक ने सिखाया बहुत कुछ, अगली बार और कड़ा प्रहार होगा”

झारखंड दौरे पर पहुंचे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने रांची राजभवन में स्कूली छात्रों से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सीधा संवाद किया। उन्होंने बताया कि 7 मई को हुई स्ट्राइक से सेना ने कई सबक सीखे और आगे और कड़ा प्रहार करने का भरोसा जताया। सीडीएस ने बताया कि

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MANISH JHA
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रांची, वाईबीएन डेस्क : झारखंड दौरे पर आए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को राजभवन में स्कूली छात्रों के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सीधा संवाद किया। उन्होंने बताया कि 7 मई को की गई स्ट्राइक सेना के लिए एक बड़ा सबक रही। इस दौरान सटीक टारगेट को ध्वस्त किया गया और आगे मौका मिलने पर और कड़ा प्रहार करने का भरोसा जताया।

आधी रात को हुआ स्ट्राइक का फैसला

सीडीएस ने कहा कि आमतौर पर हमले अहले सुबह किए जाते हैं, लेकिन 7 मई को रात 1 से 1:30 बजे के बीच स्ट्राइक की गई। वजह यह थी कि उस समय लोगों का मूवमेंट कम होता है और निर्दोषों की जान का खतरा नहीं रहता। उन्होंने बताया कि आर्मी और एयरफोर्स ने मिलकर 14 टारगेट को ध्वस्त किया, वहीं नेवी भी इसमें शामिल थी। 

पॉलिटिकल ऑब्जेक्टिव होता है सर्वोच्च

 उन्होंने कहा कि ऐसे ऑपरेशन में राजनीतिक उद्देश्य सर्वोपरि होता है। बहावलपुर का टारगेट 120 किमी दूर था, इसलिए एयरफोर्स का इस्तेमाल किया गया। चौहान ने स्पष्ट किया कि टारगेट हिट करना केवल एक बटन दबाने जैसा आसान नहीं होता, बल्कि जियो स्पेस स्टडी और गहन गणना के बाद ही कार्रवाई की जाती है।

कैसे पहचान हुई पाकिस्तानी आतंकियों की

सीडीएस ने बताया कि पहलगाम हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ संगठन ने ली थी। बाद में सोशल मीडिया से लिंक हटा दिया गया। जांच से पता चला कि हमलावर पाकिस्तान से आए थे और कश्मीरी भाषा नहीं, बल्कि पाकिस्तानी लहजे में बोल रहे थे। इसी आधार पर स्ट्राइक के टारगेट सेट किए गए। 

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फौज में नहीं चलता भाई-भतीजावाद

जनरल चौहान ने कहा कि सेना में भाई-भतीजावाद की कोई जगह नहीं है। वे खुद एक साधारण मिडिल क्लास परिवार से आते हैं और परिवार में पहले कोई फौज में नहीं था। उन्होंने युवाओं से कहा – “Join the force and see the world.” 

भारत की सीमाओं की विविधता पर चर्चा

नागालैंड, अरुणाचल और मणिपुर की विविधताओं का जिक्र करते हुए सीडीएस ने बताया कि कैसे सीमा क्षेत्र में अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों का संगम देखने को मिलता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि सेना में आउटडोर लाइफ और अनूठे अनुभव मिलते हैं।

युवाओं को दिया संदेश

सीडीएस ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए दिशा और गति दोनों जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि सेना में IQ से ज्यादा EQ यानी भावनात्मक समझ की आवश्यकता होती है। 

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कार्यक्रम का समापन

राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ भी मौजूद रहे। उन्होंने स्कूली छात्रों से मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट वितरित किए। बच्चों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित पेंटिंग्स प्रदर्शित कीं।

Jharkhand Pahalgam CDS Anil Chauhan
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