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नई दिल्ली, वाईबीएन स्पोर्ट्स। 26 मई 1928, एम्स्टर्डम ओलंपिक स्टेडियम, भारत और नीदरलैंड के बीच ओलंपिक का फाइनल मैच खेला जा रहा था। 20 हजार से ज्यादा दर्शकों से भरे इस स्टेडियम में हर कोई उत्साहित था, लेकिन निगाहें टिकी थीं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद पर। वे इस टूर्नामेंट में अब तक 12 गोल दाग चुके थे। मैच की शुरुआत हुई। मैदान पर दोनों टीमें पूरे जोश में थीं। भीड़ की शांति अचानक से तालियों की गड़गड़ाहट में बदल जाती है, क्योंकि ध्यानचंद ने नीदरलैंड के खिलाफ लगातार दूसरा गोल दागा। आखिरी पलों में भारत तीसरा गोल दागता है और यह मुकाबला 3-0 से अपने नाम कर लेता है। ध्यानचंद ने इस पूरे टूर्नामेंट में 14 गोल दागे, जो सबसे ज्यादा थे। मैच के बाद एक हैरान करने वाली घटना होती है, जब डच अधिकारी ध्यानचंद की हॉकी स्टिक को तोड़कर जांचते हैं कि कहीं इसमें चुम्बक तो नहीं छिपा। यही जादू था चांदनी रात में अभ्यास करने वाले मेजर ध्यानचंद का।
29 अगस्त की तारीख जुड़ गई ध्यानचंद के साथ
29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में जन्मे मेजर ध्यानचंद भारतीय खेल इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उनकी जयंती को देशभर में हर साल ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद के दौर को भारतीय हॉकी का स्वर्ण युग माना जाता है। उस समय भारत की हॉकी टीम इतनी मजबूत थी कि उन्हें हराना लगभग असंभव समझा जाता था। उनका बेजोड़ कौशल, तेज रफ्तार और गेंद पर अद्भुत नियंत्रण उन्हें दूसरों से अलग बनाता था। ध्यानचंद के नेतृत्व और योगदान से भारत ने हॉकी में लगातार तीन ओलंपिक खेलों (1928 एम्स्टर्डम, 1932 लॉस एंजेलिस और 1936 बर्लिन) में स्वर्ण पदक जीते।
पीएम मोदी ने दी ध्यानचंद को श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने हॉकी जादूगर को श्रद्धांजलि को देते हुए लिखा, राष्ट्रीय खेल दिवस की ढेरों शुभकामनाएं! इस खास दिन पर हम मेजर ध्यानचंद जी को याद करते हैं, जिन्होंने अपनी शानदार हॉकी से देश का नाम रोशन किया और आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत में खेलों की दुनिया बहुत तेजी से बदली है। अब छोटे बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कई अच्छे कार्यक्रम चल रहे हैं। देशभर में कई जगहों पर शानदार खेल सुविधाएं भी तैयार की गई हैं। सरकार की कोशिश है कि खिलाड़ियों को पूरा सहयोग मिले, बेहतर स्टेडियम और मैदान बनें, और भारत खेलों के क्षेत्र में दुनिया में सबसे आगे पहुंचे।
Greetings on National Sports Day! On this special occasion, we pay tribute to Major Dhyan Chand Ji, whose excellence continues to inspire generations.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
In the last decade, India’s sporting landscape has undergone a remarkable transformation. From grassroots programmes that…