/young-bharat-news/media/media_files/2025/08/03/ashok-ram-congress-to-jdu-2025-08-03-09-09-09.jpg)
पटना , वाईबीएन डेस्क । बिहार की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आया है। विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. अशोक कुमार राम अब जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) में शामिल हो रहे हैं। यह कदम कांग्रेस (Bihar Congress) के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि डॉ. राम न केवल पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष थे, बल्कि छह बार विधायक रह चुके हैं और बिहार सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं।
नीतीश कुमार से हुई मुलाकात!
मिली जानकारी के अनुसार डॉ. अशोक कुमार राम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से निजी मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। 3 अगस्त, रविवार को उन्होंने पटना स्थित JDU कार्यालय में आधिकारिक तौर पर सदस्यता ग्रहण करेंगे। इससे पहले भी कई कांग्रेस नेताओं ने JDU का रुख किया है, लेकिन डॉ. राम का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे दलित समुदाय के प्रमुख नेताओं में से एक हैं।
क्यों छोड़ी कांग्रेस? अंदरूनी कलह और नाराजगी
बताया जा रहा है कि डॉ. अशोक कुमार राम कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू से लंबे समय से नाराज चल रहे थे। उनका आरोप था कि पार्टी ने उन्हें हाशिये पर धकेल दिया था, जबकि वे एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। कांग्रेस के भीतर अंदरूनी गुटबाजी और नेतृत्व की उपेक्षा को उनके इस फैसले की मुख्य वजह माना जा रहा है।
राहुल गांधी की पदयात्रा से पहले झटका
अभी बिहार में राहुल गांधी 10 अगस्त से 26 अगस्त तक पदयात्रा पर निकलने वाले हैं। इस दौरान वे 18 जिलों का दौरा करेंगे और महागठबंधन की एकजुटता को मजबूत करने की कोशिश करेंगे। कांग्रेस की यह रणनीति मुस्लिम मतदाताओं पर केंद्रित है, लेकिन डॉ. राम के JDU में शामिल होने से पार्टी को दलित वोट बैंक पर भी चिंता हो सकती है।