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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) की तैयारियों के बीच महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने इंडिया अलायंस की समन्वय समिति के अध्यक्ष तेजस्वी यादव को 24 विधानसभा सीटों की मांग वाली सूची सौंप दी है। सीपीआई ने यह दावा करते हुए सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है कि उन्हें 2020 के चुनाव में सहयोगी दल भाकपा-माले (CPI-ML) से अधिक सीटें मिलनी चाहिए थीं।
"पिछली बार 6 सीटें मिलीं, इस बार चाहिए 24"
सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा (D. Raja) ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में हमें केवल 6 सीटें आवंटित हुई थीं, जबकि माले को 19 सीटें मिली थीं। यह अन्यायपूर्ण था। इस बार हम 24 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी ने अपनी मांगों की सूची तेजस्वी यादव को सौंप दी है।
सीपीआई के बिहार प्रमुख राम नरेश पांडेय ने तर्क दिया कि यदि माले को 19 सीटें दी जा सकती हैं, तो हमें कम से कम 20 सीटें मिलनी चाहिए थीं। हमारी पार्टी का ऐतिहासिक महत्व और जनाधार दोनों मजबूत हैं।
महागठबंधन में क्या है वर्तमान समीकरण?
बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में वर्तमान में छह दल शामिल हैं:
राष्ट्रीय जनता दल (RJD)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)
भारतीय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM)
भाकपा-माले (CPI-ML)
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM)
राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP)
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)
हालांकि विपक्षी गठबंधन में सीटों को लेकर तनाव की खबरें हैं, लेकिन RJD नेता तेजस्वी यादव ने पिछले सप्ताह हुई बैठक के बाद दावा किया था कि सीट बंटवारे को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा था कि चर्चा शुरू हो चुकी है और उचित फॉर्मूले पर सहमति बनने के बाद घोषणा की जाएगी।