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Chirag Paswan और Prashant Kishor के रिश्ते पर सस्पेंस, बोले PK - BJP छोड़ें फिर भी गठबंधन नहीं

प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर चिराग पासवान बीजेपी छोड़ भी दें, तब भी जन सुराज पार्टी उनसे गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने चिराग को बाकी नेताओं से बेहतर बताया लेकिन दोस्ती की खबरों को खारिज किया।

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YBN Bihar Desk
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पटना , वाईबीएन डेस्क ।बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नई चर्चा जोरों पर है – क्या चिराग पासवान (Chirag Paswan) और प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के बीच कोई सियासी समीकरण बन रहा है? जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है, लेकिन उनकी बातों के राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।

Chirag Paswan ने न जातिवाद फैलाया, न धार्मिक कट्‌टरता : प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि अगर चिराग पासवान भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ छोड़ भी दें, तब भी उनकी पार्टी यानी जन सुराज पार्टी (JSP) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा। प्रशांत किशोर ने एक कार्यक्रम में जब यह सवाल पूछा गया कि अगर उन्हें तेजस्वी यादव, सम्राट चौधरी और चिराग पासवान में से किसी एक को चुनना हो तो वह किसे वोट देंगे, तो उन्होंने बिना झिझक चिराग पासवान का नाम लिया। उन्होंने इसके पीछे वजह बताई कि चिराग ने अब तक बिहार की राजनीति में न तो जातिवाद फैलाया है और न ही धार्मिक कट्टरता को हवा दी है।

PK ने यह भी कहा कि चिराग के साथ उनकी कोई नियमित बातचीत नहीं होती और न ही वे व्यक्तिगत स्तर पर इतने करीबी हैं कि कोई राजनीतिक गठबंधन की बात की जाए। उनका कहना था कि छह-आठ महीने में बस एक बार बातचीत हुई होगी और वह औपचारिक थी। इससे पहले दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की खुलकर तारीफ की थी, जिससे मीडिया में यह चर्चा तेज हो गई थी कि कहीं कोई ‘Third Front’ या नई गठजोड़ की नींव तो नहीं रखी जा रही।

हालांकि, प्रशांत किशोर ने इस संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने दोहराया कि जन सुराज पार्टी बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी और किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी, चाहे वह एनडीए का हिस्सा हो या विपक्ष का। 

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बिहार में तेजस्वी यादव जहां आरजेडी के साथ सत्ता में हैं और सम्राट चौधरी भाजपा के प्रमुख चेहरे के तौर पर उभर रहे हैं, वहीं चिराग पासवान एक उभरते युवा नेता की छवि गढ़ने में लगे हैं। प्रशांत किशोर का यह संकेत देना कि वे इन तीनों में से चिराग को सबसे बेहतर मानते हैं, एक अहम राजनीतिक संकेत है। लेकिन यहां यह भी स्पष्ट है कि व्यक्तिगत प्रशंसा और राजनीतिक साझेदारी में फर्क होता है। PK ने चिराग को पसंद करने की बात जरूर कही, लेकिन यह भी जोड़ा कि वह सिर्फ ‘बिहार में राजनीति कर रहे हैं’, ‘बिहार की राजनीति नहीं कर रहे’। 

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