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Air Pollution: दिल्ली की वायु गुणवत्ता नवंबर में 15 दिन ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रही, कब मिलेगी राहत

पिछले पिछले 15 दिनों से हर दिन के साथ यह इंतजार लंबा होता जा रहा है। हरेक दिन शहर की फिज़ा में घुलता ज़हर और गहराता धुंध का पर्दा, एक गैस चैंबर में तब्दील कर रहा है। शनिवार की सुबह भी दिल्ली वालों के लिए कोहरे और वायु प्रदूषण के साथ ही शुरू हुई।

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Mukesh Pandit
Air Pollution

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क : दिल्ली में वायु प्रदूषण की गुणवत्ता कब सुधरेगी, इसका पता न दिल्ली की बड़बोली भाजपा सरकार को है और न ही प्रदूषण कंट्रोल जानता है। हालत इस कदर खराब है कि सांसों पर हवा का संकट छाया हुआ है। मगर पिछले पिछले  15दिनों से हर दिन के साथ यह इंतजार लंबा होता जा रहा है। हरेक दिन शहर की फिज़ा में घुलता ज़हर और गहराता धुंध का पर्दा, राजधानी को एक गैस चैंबर में तब्दील कर रहा है। शनिवार की सुबह भी दिल्ली वालों के लिए कोहरे और वायु प्रदूषण के साथ ही शुरू हुई।  29 नवंबर की सुबह 6:05 बजे दिल्ली का औसत AQI 341 दर्ज हुआ, जो ‘बहुत खराब' श्रेणी में आता है. परेशानी का सबब ये है कि अगले सप्ताह भी राजधानीवासियों को जहरीली हवा से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

दिल्ली-एनसीआर में तापमान गिरा

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान कम से कम 8 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है. सुबह से ही शहर में धुंध की एक मोटी परत छाई हुई है और इससे सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम हो गई। इस बीच, दिल्ली और आसपास के शहरों में चल रही ठंडी हवाएं संकट को और बढ़ा रही है। कम तापमान, कोहरा और ज्यादा प्रदूषण लोगों की सेहत के लिए खराब कर रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान कम से कम 8 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। सुबह से ही शहर में धुंध की एक मोटी परत छाई हुई थी और शाम को यह वापस आ गई, जिससे सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम हो गई।

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नवंबर माह के 15 दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब

राष्ट्रीय राजधानी में नवंबर माह के 15 दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही और अगले सप्ताह भी राजधानीवासियों को इससे राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुक्रवार को 369 रहा, जबकि बृहस्पतिवार को 377, बुधवार को 327, मंगलवार को 352 और सोमवार को 382 दर्ज किया गया। यह लगातार 15वें दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, शहर में सर्वाधिक 414 एक्यूआई द्वारका सेक्टर-आठ में दर्ज किया गया। 

आने वाले सप्ताह में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी रहेगी

दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले सप्ताह में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही रहने के आसार हैं। ‘समीर’ ऐप ने यह भी दिखाया कि आरके पुरम, पंजाबी बाग, नेहरू नगर, द्वारका, रोहिणी, जहांगीरपुरी और मुंडका सहित कई केंद्रों में एक्यूआई का स्तर 400 से ऊपर रहा। सुबह के शुरुआती घंटों में 39 निगरानी केंद्रों में से 18 में एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। 

प्रदूषण में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का योगदान 18 प्रतिशत 

पुणे स्थित भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान ने अनुमान जताया कि शुक्रवार को दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का योगदान 18 प्रतिशत रहा। पड़ोसी सोनीपत में यह 8.7 प्रतिशत, करनाल में 3.9 प्रतिशत और पानीपत में 6.9 प्रतिशत था। इसके अनुसार, पराली जलाने का योगदान 1.2 प्रतिशत रहा। इसने अनुमान जताया कि शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के प्रदूषण में वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन का योगदान 18.4 प्रतिशत और पराली जलाने का योगदान 1.7 प्रतिशत रह सकता है। 

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शहर में अधिकतम तापमान सामान्य से 0.1 डिग्री कम 25.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है। सुबह सापेक्षिक आर्द्रता 95 प्रतिशत और शाम को 67 प्रतिशत रही। आईएमडी ने शनिवार को कोहरा छाए रहने का अनुमान जताया है और अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमशः 26 और 11 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। 

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