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Delhi में फर्जी बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ाया, पांच आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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Ranjana Sharma
Delhi Police
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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क: दिल्ली पुलिस ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लोगों को क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वाइंट्स के नाम पर फंसाकर उनसे ओटीपी लेकर धोखाधड़ी करता था।

रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने के बहाने ओटीपी लिया

गिरोह की पोल तब खुली जब पालम कॉलोनी के एक निवासी ने 20 जून को शिकायत दी कि एक अज्ञात व्यक्ति ने निजी बैंक का कर्मचारी बनकर उससे 96,000 रुपये ठग लिए। आरोपी ने फोन पर क्रेडिट कार्ड से संबंधित कुछ जानकारी देकर रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने के बहाने ओटीपी हासिल किया और फिर एक मोबाइल ऐप के माध्यम से उसके खाते से पैसे निकाल लिए।

फर्जी बैंक खातों के जरिए पैसे करते थे ट्रांसफर

पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग लोगों से क्रेडिट कार्ड की जानकारी और ओटीपी जुटाकर फर्जी बैंक खातों के जरिए पैसे ट्रांसफर करते थे। जांच में पता चला कि ठगी की गई रकम पहले एक बैंक खाते में जमा की गई और फिर उसे दूसरे बैंक में ट्रांसफर किया गया। एटीएम की सीसीटीवी फुटेज से एक आरोपी की पहचान हुई, जो चेहरा ढंककर नकदी निकाल रहा था।

पुलिस ने तीन आरोपियों को पकडा

इसके बाद मोहन गार्डन इलाके में छापेमारी कर तीन आरोपियों — अतुल कुमार, सनी कुमार सिंह और कौशल कुमार को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से कई बैंक खातों की किट, फर्जी कंपनियों के स्टाम्प, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।

किराए का मकान लेकर फर्जी खाते खुलवाता

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पुलिस के अनुसार, गिरोह का मास्टरमाइंड कौशल कुमार एक निजी बैंक का पूर्व कर्मचारी है, जिसने फर्जी खाते खोलने में मुख्य भूमिका निभाई। वह मोहन गार्डन में किराए का मकान लेकर फर्जी चालू और बचत खाते खुलवाता था, जिन्हें आगे साइबर अपराधियों को सौंपा जाता था। इन खातों को एक महिला के जरिए सक्रिय किया गया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।वहीं, सनी कुमार सिंह, जो सीए फाइनल ईयर का छात्र है, ने फर्जी जीएसटी और उद्यम प्रमाणपत्र बनवाने के साथ-साथ खातों के लिए ईमेल आईडी भी तैयार की। अतुल कुमार के नाम पर कंपनी पंजीकृत थी, जिसके नाम पर तीन बैंक खाते खोले गए थे।

कॉल सेंटर में काम कर चुका है आरोपी

गिरोह का पांचवां सदस्य मोहम्मद अहमद, जो पहले एक कॉल सेंटर में काम कर चुका है, फोन कॉल कर लोगों को फंसाने का काम करता था। वह पहले से एक साइबर धोखाधड़ी के मामले में वांछित था। पूछताछ के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, सभी आरोपियों मोहम्मद अहमद, कौशल कुमार, अतुल कुमार, सनी कुमार सिंह और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है। 

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