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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। हरियाणा का नूंह जिला एक बार फिर सुर्खियों में है। कारण, पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में अधिवक्ता रिजवान की गिरफ्तारी बनी है। एक साल में नूंह से अपनी तरह की यह तीसरी गिरफ्तारी है। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिया है- क्या नूंह पाकिस्तान के लिए जासूसी की फैक्ट्री बन गया है। बता दें कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के गंभीर आरोप में एनआईए ने सोहना कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता रिजवान को गिरफ्तार किया है।
मई में अरमान और मोहम्मद तारीफ हुए थे गिरफ्तार
इससे पहले मई में राजाका गांव के अरमान और कांगरका गांव के मोहम्मद तारीफ को इसी तरह के आरोपों में पकड़ा गया था। दोनों पर पाकिस्तान से संपर्क रखने और संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप हैं। अरमान दो बार और तारीफ तीन बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुका था। दोनों मामलों की सुनवाई अदालत में चल रही है।
रिजवान ने 2022 में शुरू की थी वकालत
रिजवान ने वर्ष 2022 में कोरोना अवधि के बाद सोहना अदालत में वकालत शुरू की थी। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने मात्र 15 दिन एक वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ काम करने के बाद कोर्ट में अपनी अलग सीट ले ली थी और नियमित रूप से केस संभालते थे। अदालत और तहसील परिसर में उनकी छवि एक शांत, सरल और मेहनती वकील की थी। सहकर्मियों के अनुसार, उनके आचरण से कभी किसी को संदेह नहीं हुआ।
गिरफ्तारी से वकीलों में हड़कंप
जैसे ही अदालत परिसर में रिजवान की गिरफ्तारी की खबर पहुंची, वकीलों और स्टाफ में हड़कंप मच गया। सोहना बार एसोसिएशन ने इस पर आश्चर्य जताया और कहा कि रिजवान नियमित रूप से अदालत के मामलों में सक्रिय रहते थे। एनआईए अब रिजवान के सभी संपर्कों, गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि जासूसी के पूरे तंत्र का खुलासा हो सके।
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