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भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी, अब तक 53 पीआईएल दायर

पूर्व मंत्री एनोस एक्का को दोषी करार दिए जाने पर सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गा उरांव ने कहा “देर आई, दुरुस्त आई।” उन्होंने 2008 में एक्का के खिलाफ पीआईएल दाखिल की थी। उरांव ने बताया कि अब तक उन्होंने 53 पीआईएल दाखिल किए हैं और कई बड़े चेहरे भ्रष्टाचार

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MANISH JHA
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रांची वाईबीएन डेस्क : झारखंड अगेंस्ट करप्शन के संस्थापक सह केंद्रीय अध्यक्ष दुर्गा उरांव ने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री एनोस एक्का को दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि “देर आई, दुरुस्त आई”, क्योंकि जनता को लूटने वाले चाहे कितने बड़े पद पर क्यों न हों, उन्हें सजा जरूर मिलेगी। 

2008 से शुरू हुई लड़ाई

दुर्गा उरांव ने बताया कि मामला वर्ष 2008 का है, जब ओरमांझी क्षेत्र में एनोस एक्का ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए 17–18 एकड़ आदिवासी जमीन खरीदी थी। इस मामले को उन्होंने पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) के जरिए उजागर किया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब जाकर एनोस एक्का दोषी साबित हुए और उन्हें सजा मिली।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार जंग

उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य के गठन (2000) के बाद भ्रष्टाचार लगातार गहराता गया। खासकर मधु कोड़ा सरकार के समय पूरा मंत्रिमंडल भ्रष्टाचार में डूबा था। इसी दौर ने उन्हें पीआईएल के जरिए न्याय की लड़ाई लड़ने को मजबूर किया। उरांव का कहना है कि राज्य की विडंबना यह है कि आईएएस पूजा सिंघल और विनय कुमार चौबे जैसे अधिकारी तक भ्रष्टाचार के कारण जेल जा चुके हैं। 

53 पीआईएल, कई बड़े नाम होंगे उजागर

दुर्गा उरांव ने बताया कि फिलहाल लातेहार कोल फील्ड में फर्जी नौकरी के मामले में दाखिल पीआईएल पर सीआईडी जांच चल रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे। अब तक वे कुल 53 पीआईएल दाखिल कर चुके हैं और समय आने पर कई नामचीन चेहरे भी भ्रष्टाचार के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे होंगे।

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