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झारखंड शराब घोटाला: ACB ने छत्तीसगढ़ के 6 लोगों को भेजा समन, 1-2 सितंबर को पूछताछ

झारखंड शराब घोटाले की जांच में एसीबी ने छत्तीसगढ़ के छह कारोबारियों को समन जारी कर 1-2 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले एजेंसी ने निलंबित IAS विनय चौबे और उत्पाद विभाग के अफसर गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ से घोटाले के नए नेटवर

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MANISH JHA
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रांची वाईबीएन डेस्क : झारखंड शराब घोटाला केस में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच लगातार तेज होती जा रही है। एजेंसी ने अब छत्तीसगढ़ के छह लोगों को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। माना जा रहा है कि इनसे पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के कारोबारी जांच के घेरे में

ACB ने जिन लोगों को नोटिस भेजा है, उनमें दुर्ग के अरविंद सिंह, नवीन केडिया, अरुणपति त्रिपाठी, भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया (भाटिया वाइंस एंड कंपनी के मालिक), रायपुर के विकास अग्रवाल और विलासपुर के राजेंद्र जायसवाल शामिल हैं। सभी को 1 और 2 सितंबर को रांची स्थित ACB कार्यालय में उपस्थित होकर पूछताछ में शामिल होने का आदेश दिया गया है।

प्रारंभिक जांच से लेकर गिरफ्तारी तक

इस घोटाले की जांच ACB ने 27 सितंबर 2024 को प्रारंभिक जांच (PE संख्या 03/2024) दर्ज कर शुरू की थी। जांच के दौरान एजेंसी को कई ठोस सबूत मिले थे। इन्हीं के आधार पर निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने एजेंसी के समक्ष पेशी नहीं दी। इसके बाद 20 मई 2025 को ACB ने इस मामले में प्राथमिकी (कांड संख्या 9/2025) दर्ज की और अगले ही दिन 21 मई को बड़ी कार्रवाई करते हुए विनय चौबे को गिरफ्तार कर लिया। इसी दिन उत्पाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गजेंद्र सिंह की भी गिरफ्तारी हुई। 

नए खुलासों की उम्मीद

जांच के दौरान अब तक कई चर्चित नाम सामने आ चुके हैं और कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। ACB को भरोसा है कि छत्तीसगढ़ से जुड़े कारोबारी और आरोपियों से पूछताछ के बाद शराब घोटाले में छिपे लेन-देन और नेटवर्क की नई परतें खुलेंगी। इस कार्रवाई से आने वाले दिनों में और भी बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

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