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रांची वाईबीएन डेस्क : सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच और नगड़ी में रैयत किसानों की जमीन पर रिम्स टू निर्माण रोकने की मांग भारतीय जनता पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में राजभवन पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कथित तानाशाही एवं हठधर्मिता से जुड़े दो गंभीर मामलों—सूर्या हांसदा कथित फर्जी एनकाउंटर और नगड़ी में रैयत किसानों की उपजाऊ जमीन पर रिम्स टू निर्माण—पर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के साथ कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र कुमार राय, प्रदेश महामंत्री व राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू, प्रदीप वर्मा, उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, विकास प्रीतम, विधायक सीपी सिंह, विधायक नवीन जायसवाल, गंगोत्री कुजूर, मंत्री गणेश मिश्रा, सरोज सिंह, सुनीता सिंह, मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं अशोक बड़ाईक शामिल थे।
सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामला
भाजपा ने ज्ञापन में कहा कि 11 अगस्त, 2025 को गोड्डा जिले में हुए सूर्या हांसदा का एनकाउंटर असल में “सुनियोजित हत्या” है। भाजपा का आरोप है कि सूर्या हांसदा को पुलिस ने 10 अगस्त को देवघर से उठाया और अगले दिन महागामा में फर्जी एनकाउंटर दिखाकर हत्या कर दी। पार्टी ने तर्क दिया कि सूर्या हांसदा चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे, सामाजिक कार्यकर्ता थे और सैकड़ों गरीब बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में सहयोग करते थे। उनके खिलाफ दर्ज 24 मामलों में से 14 में वे बरी हो चुके थे और बाकी मामलों में जमानत पर थे। न्यायालय ने उन्हें कभी दोषी करार नहीं दिया था। भाजपा का कहना है कि पूरे मामले में पुलिस और सत्तारूढ़ दल का गठजोड़ सामने आ रहा है। मृतक के परिजनों और वकील तक में असुरक्षा की भावना है। पार्टी ने इस मामले की सीबीआई जांच और परिजनों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
नगड़ी में रिम्स टू निर्माण विवाद
दूसरे ज्ञापन में भाजपा ने नगड़ी की उपजाऊ रैयती खतियानी भूमि पर रिम्स टू निर्माण का विरोध दर्ज कराया। पार्टी का कहना है कि यह जमीन हजारों आदिवासी किसानों की जीविका का साधन है। सरकार जबरन अधिग्रहण कर रही है, जबकि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 24 (2) के मुताबिक, मुआवजा और कब्जा न होने की स्थिति में पुराना अधिग्रहण स्वतः निरस्त हो जाता है। भाजपा ने कहा कि 24 अगस्त को अपनी जमीन बचाने जा रहे किसानों पर पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़कर सरकार ने दमनकारी चेहरा दिखाया है। आंदोलनकारी महिलाओं पर मुकदमा दर्ज करना और पत्रकारों को रात में उठाकर थाने ले जाना अघोषित आपातकाल का उदाहरण है। पार्टी ने मांग की है कि सरकार रिम्स टू निर्माण के लिए अन्य बंजर भूमि का चयन करे और नगड़ी किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को निरस्त किया जाए।
भाजपा की मांग
भाजपा ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वे इन दोनों गंभीर मामलों पर राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश दें ताकि सूर्या हांसदा के परिजनों को न्याय मिल सके और नगड़ी किसानों की रैयती जमीन बचाई जा सके।