Advertisment

महिला दरोगा मीरा सिंह पर ED का शिकंजा, 17 सितंबर को कोर्ट लेगा संज्ञान

झारखंड की महिला दरोगा मीरा सिंह की मुश्किलें बढ़ीं। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें अभियुक्त बनाया है। मार्च 2024 की छापेमारी में 12.50 लाख नकद और 8 मोबाइल मिले थे। PMLA कोर्ट 17 सितंबर को मामले पर संज्ञान लेगी।

author-image
MANISH JHA
1756726808020
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

रांची, वाईबीएन डेस्क: अक्सर विवादों में रहने वाली तुपुदाना ओपी की पूर्व प्रभारी दारोगा मीरा सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें कांड संख्या ECIR 8/2025 में अभियुक्त बनाते हुए प्रॉसिक्यूशन कंप्लेन (PC) दाखिल की है। हालांकि फिलहाल विशेष PMLA कोर्ट ने इस पर संज्ञान नहीं लिया है और 17 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।

छापेमारी और बरामदगी

ED ने मार्च 2024 में मीरा सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान 12.50 लाख रुपये नकद और आठ मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। पूछताछ में वह रुपये के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। 

विवादों से पुराना नाता

 मीरा सिंह का विवादों से गहरा रिश्ता रहा है। खूंटी में पदस्थापन के दौरान ही वह पहली बार सुर्खियों में आईं थीं, जब ACB ने उन्हें दस हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसी केस को आगे चलकर ED ने टेकओवर किया है। 

पहली पुलिस अधिकारी बनीं आरोपी

मीरा सिंह झारखंड की पहली पुलिस अधिकारी हैं जिन्हें ED ने किसी मामले में आरोपी बनाया है। ACB ट्रैप केस में वह फिलहाल जमानत पर हैं, लेकिन ED द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभियुक्त बनाए जाने के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ चुकी हैं।

Advertisment
Jharkhand ED
Advertisment
Advertisment