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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल में मस्जिद और 80 मकानों पर Bulldozer Action पर लगाई रोक

संभल में तालाब की जमीन पर बनी मस्जिद और 80 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई रोक। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि मामले की जांच के बिना कोई कार्रवाई नहीं होगी। जानें क्या है पूरा मामला।

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Dhiraj Dhillon
Allahabad High Court

प्रयागराज, आईएएनएस। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में तालाब की जमीन पर बनी मस्जिद और 80 मकानों और एक मस्जिद को प्रशासन द्वारा दिए गए नोटिस और संभावित बुलडोजर कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को रोक लगा दी है। बता दें कि प्रशासन ने इन निर्माणों पर लाल निशान लगाकर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था और चेतावनी दी थी कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो बुलडोजर से कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि पहले तहसील पर मामले की गंभीरता के साथ जांच की जाए और उसके बाद ही किसी कार्रवाई की बात हो।

तालाब की जमीन बताते हुए प्रशासन ने दिया था नोटिस

यह मामला थाना रायसत्ती क्षेत्र के हातिम सराय मोहल्ला से जुड़ा है, जहां प्रशासन ने आठ बीघा जमीन को तालाब की भूमि बताते हुए मकानों को अवैध करार दिया था और लाल निशान लगाकर 15 दिन में जवाब मांगा गया था। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए महमूद आलम और 18 अन्य लोगों ने याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया कि प्रशासन ने तहसील रिकॉर्ड की जांच किए बिना नोटिस जारी कर दिए।

चार सप्ताह में तहसीलदार के समक्ष करना होगा आवेदन

याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर अधिवक्ता राकेश पांडे, इरशाद अहमद और अयूब खान ने पैरवी की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ताओं को चार सप्ताह में तहसीलदार के समक्ष आवेदन देने का निर्देश दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले से स्थानीय निवासियों को राहत मिली है और कार्रवाई फिलहाल टल गई है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक तहसील स्तर पर सभी दस्तावेजों की जांच नहीं होती, कोई भी विध्वंसात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकती।

Prayagraj News | Allahabad High Court | Bulldozer Action | illegal construction

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